हिसार | हरियाणा के हिसार जिले से लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. यहां NH- 9 पर सबसे बड़े ब्लैक स्पॉट ढंढूर पुल के पास 67 करोड़ रुपए की लागत से डबल लूप का निर्माण किया जाएगा. नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद NHAI की टीम ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौके का मुआयना किया. इस दौरान परियोजना को धरातल पर अमलीजामा पहनाने के लिए काटे जाने वाले पेड़ों की गिनती की गई. इस परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए अधिकतर सरकारी जमीन अधिग्रहित की जाएगी.

सबसे ज्यादा होती है दुर्घटना
हिसार- सिरसा (NH- 9) पर गांव ढंढूर के पास (NH- 52) इसे क्रॉस करता है. हिसार से बरवाला, कैथल और चंडीगढ़ जाने वाले वाहन चालक इसी क्राॅसिंग का उपयोग कर NH- 52 पर चढ़ते हैं. जब वाहन चालक यहां यू- टर्न लेते हैं तो सड़क दुघर्टना का बहुत ज्यादा खतरा रहता है. अधिकतर सड़क दुघर्टनाएं इसी प्वाइंट पर होती है. इसके चलते यह जगह ब्लैक स्पॉट के रूप में पहचान बना चुकी है. वहीं, इस चौक से राजगढ़ जाने वालों को भी रॉन्ग साईड में चलना पड़ता था जिससे भी दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता था. पिछले एक साल में इस जगह पर दो दर्जन से ज्यादा सड़क दुघर्टना हो चुकी है.
NHAI के एक अधिकारी ने बताया कि परियोजना के तहत चौक के दोनों तरफ लूप का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए चार- चांद स्लिप रोड बनाई जाएगी. मुख्य रोड पर दोनों साइड व्हीक्युलर अंडरपास (VUP) का निर्माण किया जाएगा. लूप के आकार में स्लिप रोड निर्माण से वाहन चालक आसानी से किसी भी दिशा में मुड़ सकेंगे. VUP की मदद से हाइवे को पार करने में आसानी होगी. इस परियोजना के पूरा होने पर यहां सड़क दुघर्टना होने की संभावना बिल्कुल जीरो हो जाएगी.
जल्द पूरी होगी परियोजना
इस परियोजना को उस योजना में शामिल किया गया है जिनकी निगरानी खुद प्रधानमंत्री कार्यालय करता है. ऐसे में इस परियोजना के जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है. इसके पूरा होने पर रोजाना यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों के साथ- साथ गांव ढंढूर के लोगों को भी फायदा पहुंचेगा. NHAI ने बताया कि हमारी टीम ने मौके का मुआयना किया है. हमें वन विभाग से पेड़ों की कटाई की अनुमति का इंतजार है. वहीं, वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि NHAI की ओर से पेड़ों की कटाई के लिए अनुमति का आवेदन किया गया है. हम अपनी रिपोर्ट भेज देंगे. इस पर अंतिम निर्णय मुख्यालय के निर्देश पर होगा.