हिसार | जिले के सीसवाला गांव के रहने वाले अजय फगेडिया ने सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उन्हें एक अमेरिकी आईटी कंपनी से 38 लाख रुपये सालाना पैकेज का जॉब ऑफर मिला है. उनकी सफलता आज ग्रामीण युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है. अजय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से की.

बचपन से ही उन्होंने परिवार के साथ खेती में हाथ बंटाया और आर्थिक व सामाजिक चुनौतियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी. वर्ष 2019 में उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की.
हिसार के किसान बेटे की बड़ी सफलता
आईआईटी में प्रवेश नहीं मिलने के बाद अजय ने हार नहीं मानी. उन्होंने पहले डिप्लोमा किया और फिर 2016 में बीटेक प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 12वीं रैंक हासिल कर इंजीनियरिंग में दाखिला लिया. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 2019 में मात्र 11,500 रुपये मासिक वेतन पर एक सर्विस-बेस्ड आईटी कंपनी में अपने करियर की शुरुआत की. लगातार मेहनत, नई तकनीकों को सीखने की लगन और बेहतर प्रदर्शन के दम पर अजय का करियर तेजी से आगे बढ़ा. उनका सालाना पैकेज पहले 10 लाख रुपये हुआ, फिर 19.50 लाख, उसके बाद 23 लाख और अब बढ़कर 38 लाख रुपये तक पहुंच गया है. वर्तमान में वह बेंगलुरु में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं और आईटी उद्योग में करीब साढ़े 6 वर्षों का अनुभव रखते हैं.
38 लाख रुपये सालाना पैकेज
अजय बताते हैं कि करियर के दौरान उन्हें कई कठिन दौर से गुजरना पड़ा. कभी नौकरी चली गई तो कभी दूसरी नौकरी तय किए बिना इस्तीफा देना पड़ा. कार्यस्थल पर भी कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन उन्होंने हर मुश्किल को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर बनाया. आईटी क्षेत्र में आने से पहले अजय ने करीब 7 से 8 वर्षों तक खेतों में काम किया. उनका कहना है कि खेती ने उन्हें मेहनत, अनुशासन और हर रुपये की कीमत समझाई.
आज भी वह अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं और खेती के साथ- साथ सामाजिक कार्यों में भी रुचि रखते हैं. योग, जिम, बैडमिंटन, यात्रा, पौधारोपण और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन उनकी पसंदीदा गतिविधियों में शामिल हैं. युवाओं के नाम अपने संदेश में अजय कहते हैं कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में रुकावट नहीं बनते. यदि व्यक्ति ईमानदारी, अनुशासन, लगातार सीखने की इच्छा और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़े, तो वह अपने सपनों को जरूर पूरा कर सकता है.