नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के फ्लैटों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है. केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने DDA फ्लैटों में अतिरिक्त निर्माण, विस्तार और आंतरिक बदलावों को लेकर संशोधित नीति को मंजूरी दे दी है. नई व्यवस्था के तहत कई तरह के निर्माण और बदलावों को नियमित (रेगुलराइज) करने के साथ भविष्य में अनुमति देने की प्रक्रिया भी आसान होगी. यह नीति दिल्ली के अधिसूचित और गैर-अधिसूचित दोनों क्षेत्रों में स्थित सभी श्रेणियों के DDA फ्लैटों पर लागू होगी. नई नीति में निर्माण और बदलाव को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. पहली श्रेणी में ऐसे छोटे बदलाव शामिल हैं, जिनके लिए DDA या नगर निगम को सूचना देने या अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी.

इनमें बालकनी या बरामदे की ग्रिल और ग्लास फिटिंग, आंगन की दीवार की ऊंचाई बढ़ाना, खिड़की या दरवाजे के ऊपर छोटा छज्जा बनाना, अतिरिक्त प्लास्टिक पानी की टंकी रखना, कमरों के भीतर मचान बनाना, खिड़की को अलमारी में बदलना और निर्धारित पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की सुविधा लगाना शामिल है.
दूसरी श्रेणी
दूसरी श्रेणी में ऐसे बदलाव रखे गए हैं, जिनके लिए संबंधित प्राधिकरण को सूचना देना या अनुमति लेना जरूरी होगा. इसमें खुली छत को हल्के वजन की सामग्री और शीशे से ढकना, रसोई और शौचालय की जगह बदलना, सीढ़ियों का विस्तार करना, पुराने ढांचे का पुनर्निर्माण और साझा छत पर सौर ऊर्जा पैनल लगाना शामिल है. इन मामलों में तय नियमों के साथ आवश्यक मंजूरी और कई मामलों में अन्य निवासियों की सहमति भी अनिवार्य होगी.
तीसरी श्रेणी
तीसरी श्रेणी में ऐसे निर्माण शामिल हैं, जिनके लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. इसके तहत भूतल के आंगन को पहली मंजिल तक स्थायी रूप से ढकना, बहुमंजिला फ्लैटों में ऊपरी मंजिल के मालिकों को अतिरिक्त क्षेत्र पर निर्माण की अनुमति और पीछे के आंगन में अतिरिक्त बाथरूम या शौचालय का निर्माण किया जा सकेगा. हालांकि, इसके लिए सभी तकनीकी और नियामकीय शर्तों का पालन करना होगा.
जरूरी दस्तावेज
इस नीति के तहत किसी भी सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की अनुमति नहीं होगी. 21 मार्च 2001 से पहले बने भवनों के लिए किसी भी अतिरिक्त निर्माण से पहले स्ट्रक्चरल ऑडिट कराना अनिवार्य होगा. फ्लैट मालिकों की सुविधा के लिए पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है. पंजीकृत आर्किटेक्ट और मान्यता प्राप्त स्ट्रक्चरल इंजीनियर की संयुक्त प्रमाणित डिजिटल ड्रॉइंग और जरूरी दस्तावेज DDA के ऑनलाइन पोर्टल पर जमा किए जा सकेंगे. इसके अलावा, जो निर्माण पहले से तय मानकों के दायरे में किए जा चुके हैं, उन्हें भी निर्धारित शुल्क जमा कर नियमित कराया जा सकेगा.