जींद | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के एक दिन बाद शनिवार को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन नहीं हुआ. रेलवे मुख्यालय, नई दिल्ली की ओर से जारी नए शेड्यूल के अनुसार अब यह ट्रेन रविवार, 19 जुलाई से नियमित रूप से पटरी पर दौड़ेगी. ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी, जबकि प्रत्येक शुक्रवार को मेंटेनेंस के लिए इसका वीकऑफ रहेगा. हाइड्रोजन ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच 89.1 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. ट्रेन नंबर 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होकर 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी.

वापसी में ट्रेन नंबर 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से चलकर दोपहर 12:40 बजे जींद पहुंचेगी. दोनों दिशाओं में यह ट्रेन जींद सिटी, गोहाना और मोहाना समेत कुल 12 मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकेगी.
लागत भी कम
इस ट्रेन के निर्माण में हरियाणा की जिंदल स्टेनलेस ने भी अहम योगदान दिया है. ट्रेन में इस्तेमाल कुल स्टेनलेस स्टील का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा कंपनी ने उपलब्ध कराया है. हिसार और ओडिशा के जाजपुर स्थित प्लांट्स से भेजे गए प्रीमियम ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील की मदद से ट्रेन को हल्का, मजबूत और जंगरोधी बनाया गया है. इससे ईंधन की बचत होगी और रखरखाव की लागत भी कम रहेगी. हाइड्रोजन ट्रेन टेक्नीशियन भूषण शर्मा के अनुसार ट्रेन में 3200 किलोवाट क्षमता के दो इंजन लगाए गए हैं.
ऐतिहासिक क्षण!
हरियाणा के जींद से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने दिखाई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी।#HaryanaWelcomesModiJi#HydrogenTrain#NaMoGreenRail pic.twitter.com/QgQKxKBG9n
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) July 17, 2026
सामान्य ट्रेनों की तुलना में बेहतर
सुरक्षा के लिए इसमें 15 हाइड्रोजन लीकेज सेंसर, 7 हीट डिटेक्टर और 3 फ्लेम डिटेक्टर लगाए गए हैं. हाइड्रोजन की मामूली लीकेज होने पर भी सिस्टम तुरंत अलार्म जारी कर देता है. ट्रेन में दोनों इंजनों के लिए कुल 420 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जाएगी, जिससे यह करीब 420 किलोमीटर तक सफर कर सकेगी. यदि किसी कारण हाइड्रोजन सिस्टम में तकनीकी खराबी आती है तो ट्रेन लगभग 60 किलोमीटर तक बैटरी के सहारे भी चल सकती है.
हाइड्रोजन ट्रेन का पिकअप सामान्य ट्रेनों की तुलना में बेहतर है. इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए वंदे भारत जैसी आधुनिक पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम भी लगाया गया है- गगनदीप सिंह, असिस्टेंट लोको पायलट