ज्योतिष डेस्क | 30 जुलाई से पवित्र सावन का महीना शुरू होने जा रहा है जो भगवान शिव को बेहद प्रिय माना जाता है. इस पूरे महीने अगर भक्त ‘कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्. सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि’ मंत्र का पाठ रोजाना 11 बार करें तो जीवन की तमाम परेशानियां धीरे- धीरे कम होने लगती हैं. यजुर्वेद के शिव यजुर्मंत्र में भी इस वंदना का जिक्र मिलता है. इस मंत्र का जाप वर्षभर किया जा सकता है लेकिन सावन के महीने में इसका असर और भी ज्यादा माना जाता है. आइए जानते हैं कि इस वंदना को नियमित रूप से पढ़ने से किस तरह के फायदे मिल सकते हैं.

सबसे पहला फायदा यह बताया गया है कि इस पवित्र वंदना का पाठ करने से घर और मन में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है. मान्यता है कि इसे हमेशा ऊंची आवाज में बोलकर गाना चाहिए, जिससे घर में मौजूद बुरी शक्तियां खत्म हो जाती हैं.
जानें फायदे
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव की समस्या छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक में देखने को मिलती है. ऐसे में इस वंदना का रोजाना पाठ तनाव कम करने में काफी कारगर माना जाता है. कहा जाता है कि इससे समस्याओं को सुलझाने की समझ विकसित होती है और व्यक्ति खुद को पहले से अधिक स्थिर और विचारशील महसूस करने लगता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लंबी और विधि- विधान से की जाने वाली पूजा का जो फल मिलता है.
भूल- चूक की क्षमा
फल केवल इस एक वंदना के पाठ से भी प्राप्त हो सकता है. इसे आरती के बाद पढ़ना शुभ माना जाता है क्योंकि इससे पूजा के दौरान हुई किसी भी भूल- चूक की क्षमा मिल जाती है. जब मन शांत रहता है, तो इंसान किसी भी परिस्थिति के बारे में बेहतर तरीके से सोच पाता है जिससे मुश्किल चुनौतियों का सामना करना भी आसान हो जाता है. इस वंदना को रोजाना 11 बार पढ़ने की सलाह दी जाती है. भक्त चाहें तो इसे दिनभर में अलग- अलग समय पर भी पढ़ सकते हैं या एक ही बार में पूरा पाठ कर सकते हैं.