नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली की ऊंची इमारतों और कंक्रीट के जंगल के बीच अब लोगों को गांव जैसा देसी सुकून भी मिलने लगा है. द्वारका में एक ऐसा अनोखा रेस्टोरेंट खुला है, जो पूरी तरह विलेज थीम यानी गांव के माहौल का अहसास कराता है. ‘ड्रूलिंग बाय दा शांग‘ नाम के इस रेस्टोरेंट की लोकेशन द्वारका सेक्टर- 23 में यशोभूमि के पास है. दरअसल, आजकल के दौर में लोगों का रुझान गांव के शांत और प्राकृतिक माहौल की ओर तेजी से बढ़ रहा है.

शहरों की भागदौड़, प्रदूषण और तनाव भरी ज़िंदगी से थककर अब बहुत से लोग गांव की सादगी और सुकून को तरजीह देने लगे हैं, सोशल मीडिया पर विलेज लाइफ, फार्म हाउस और ऑर्गेनिक खेती जैसे विषय खूब पसंद किए जा रहे हैं.
दिल्ली वालों के लिए नई डेस्टिनेशन
गांव की स्वच्छ हवा, हरे- भरे खेत, पंछियों की चहचहाहट और अपनापन भरा समाज लोगों को एक अलग ही सुकून देता है. कोरोना महामारी के बाद तो यह चलन और बढ़ गया, जब बहुत लोगों ने वर्क फ्रॉम होम करते हुए गांवों का रुख किया, युवा पीढ़ी भी अब जैविक खेती, गांव आधारित पर्यटन और पारंपरिक जीवनशैली में दिलचस्पी दिखा रही है. हालांकि, सुविधाओं की कमी अब भी एक चुनौती है. फिर भी गांव का सरल माहौल लोगों को बार- बार अपनी ओर खींचता है. ऐसे में गांव की जीवनशैली फिर से लोकप्रिय होती जा रही है.
देसी अंदाज जीत रहा दिल
जिसका सटिक उदाहरण इस रेस्टोरेंट में कदम रखते ही देखने को मिल जाएगा. यहां ग्राहकों को गांव जैसी सोंधी खुशबू और देसी बनावट का अहसास होता है. बाहर लगे हैंडपंप और लकड़ी की बेहतरीन कारीगरी अपनी तरफ ध्यान खींचते हैं और लोगों को अंदर आने के लिए मजबूर कर देते हैं. वहीं, अंदर की कच्ची दीवारें, उन पर लगी खूबसूरत लाइटें और पूरी तरह देसी अंदाज में सजाई गई बैठने की व्यवस्था ग्राहकों का दिल जीत लेगी. इस अनोखे रेस्टोरेंट की शुरुआत विजय मिश्रा और अजय मिश्रा नाम के दो भाइयों ने मिलकर की है.
विजय मिश्रा बताते हैं कि उनका मकसद दिल्ली- एनसीआर के लोगों के लिए कुछ इको- फ्रेंडली और बिल्कुल अलग तरह की जगह तैयार करना था. वे चाहते थे कि उनका रेस्टोरेंट हर मौसम के हिसाब से अनुकूल हो और इसी सोच के साथ उन्होंने इस विलेज थीम वाले रेस्टोरेंट का पूरा ढांचा खड़ा किया.