दिल्ली में हर प्रॉपर्टी का बनेगा आधार कार्ड, सरकार ला रही नया भूमि अभिलेख कानून

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में अब हर संपत्ति की अपनी अलग डिजिटल पहचान होगी, जिससे उससे जुड़ी तमाम जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगी. इसी उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली भूमि अभिलेख विधेयक, 2026’ लाने का फैसला किया है. इसके लिए अगले महीने के अंत तक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी चल रही है. इस पहल के तहत पूरी दिल्ली में हर संपत्ति का वैज्ञानिक तरीके से सर्वे कर उसका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर हर संपत्ति के लिए एक अलग प्रॉपर्टी आधार कार्ड बनाया जाएगा.

Faridabad City Home Ghar Colony

राजधानी के लाल डोरा क्षेत्र यानी गांवों की आबादी में संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने वाली ‘स्वामित्व’ योजना पर काम चल रहा है, जिसके तहत 48 गांव शामिल हैं. प्रस्तावित ‘दिल्ली भूमि अभिलेख विधेयक, 2026’ का दायरा गांवों, शहरी इलाकों की हर आवासीय, व्यावसायिक और अन्य तरह की संपत्तियों का भी विस्तृत सर्वे किया जाएगा.

डिजिटल रिकॉर्ड तैयार

इसमें हर इमारत के हर फ्लोर का अलग डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा. अभी तक व्यवस्थित भूमि रिकॉर्ड न होने की वजह से लोगों को मालिकाना हक साबित करने, संपत्ति की खरीद-बिक्री, उत्तराधिकार, लोन लेने, नक्शा पास कराने और कोर्ट में चल रहे विवादों जैसी तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद हर संपत्ति का प्रामाणिक डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद रहेगा. इससे भूमि विवादों में भी काफी हद तक कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है.

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यह भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस व्यवस्था की मजबूत बुनियाद भी तैयार करेगा. स्मार्ट स्वामित्व प्रॉपर्टी कार्ड पर संपत्ति की पहचान संख्या, जारी होने की तारीख, गांव या मोहल्ले का नाम, उप- मंडल, जिला, कब्जाधारी का नाम, पिता या पति का नाम, हिस्सेदारी का विवरण, कुल क्षेत्रफल, निर्मित और खुला क्षेत्र, भू- आधार नंबर, सह-कब्जाधारियों की जानकारी और संपर्क नंबर जैसी तमाम डिटेल्स दर्ज होंगी.

वैध कब्जा प्रमाणपत्र शामिल

इस कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करते ही संबंधित संपत्ति का पूरा डिजिटल फॉर्म- 13 सामने आ जाएगा, जिसमें संपत्ति का विस्तृत नक्शा, चारों दिशाओं की सीमाएं, आसपास की संपत्तियों के पीआईडी और खसरा नंबर, सह- कब्जाधारियों व परिवार का ब्योरा, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर, आधिकारिक मुहर के साथ- साथ दिल्ली आबादी देह सर्वेक्षण एवं रिकॉर्ड प्रबंधन नियम, 2025 की धारा 36 के तहत वैध कब्जा प्रमाणपत्र भी शामिल रहेगा.

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Sanjukta Pandit
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