फरीदाबाद | चाय एक ऐसी चीज है जिसके बिना ज्यादातर लोगों की सुबह अधूरी मानी जाती है. सुबह की पहली चुस्की से लेकर देर रात की थकान मिटाने तक, हर मौके पर चाय का साथ लोगों को सुकून देता है. दोस्तों के साथ गपशप करनी हो, ऑफिस में काम के बीच ब्रेक लेना हो या किसी अपने के साथ वक्त बिताना हो, चाय की चुस्की हमेशा साथ निभाती है. अगर आप भी चाय के शौकीन हैं तो फरीदाबाद के मेन बाजार में कन्हैया लाल की दुकान पर आपको ऐसी कड़क चाय मिलेगी, जिसका स्वाद आप भूल नहीं पाएंगे.

फरीदाबाद के मेन बाजार में कन्हैया लाल की चाय की दुकान की कहानी काफी दिलचस्प है. साल 1984 में जब उन्हें कहीं नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने मजबूरी में चाय बेचने का काम शुरू किया.
किया स्टेनोग्राफी का कोर्स
कन्हैया ने 1982 में इंटर की पढ़ाई पूरी करने के साथ स्टेनोग्राफी का कोर्स भी किया था, फिर भी उन्हें रोजगार नहीं मिल सका. उस दौर में एक कप चाय महज 60 पैसे में मिलती थी, जबकि आज उनकी दुकान पर यही चाय 10 रुपये में बिकती है. कन्हैया लाल बताते हैं कि इस दुकान को चलाते हुए उन्हें पूरे 39 साल हो चुके हैं. उनकी दुकान पर चाय पीने वालों की भीड़ हमेशा लगी रहती है और रोजाना करीब 700 से 800 कप चाय बिक जाती है.
बाजार में अलग पहचान
इसी कमाई के सहारे वे अपने परिवार का पालन- पोषण करते आ रहे हैं. उनका कहना है कि उनकी चाय की लोकप्रियता की वजह उसका खास स्वाद है, जिसमें वे अच्छी क्वालिटी का दूध और सही मात्रा में मसालों का प्रयोग करते हैं. यही वजह है कि आज तक किसी भी ग्राहक ने उनकी चाय को लेकर कोई शिकायत नहीं की. कन्हैया ने पूरे जीवन में चाय के काम के अलावा और किसी व्यवसाय की तरफ ध्यान नहीं दिया. लगन और मेहनत से आज बाजार में उनकी अलग पहचान बन चुकी है.