चंडीगढ़ | ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल 11 मेडल जीते हैं, जिनमें 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल हैं. सबसे ज्यादा दबदबा बॉक्सिंग में रहा, जहां हरियाणा के खिलाड़ियों ने 6 गोल्ड और 1 सिल्वर जीता. इनमें से 5 गोल्ड अकेले भिवानी के खिलाड़ियों के नाम रहे. बता दें कि यह पहला मौका है जब किसी कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग में एक साथ 6 गोल्ड जीते हों. इससे पहले 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के हिस्से बॉक्सिंग में सिर्फ 4 मेडल आए थे.

बॉक्सिंग में अंकुश पंघाल, साक्षी चौधरी, प्रीति पंवार, जैस्मिन लंबोरिया, प्रिया घनघस और सचिन सिवाच ने गोल्ड जीता, जबकि नरेंद्र बेरवाल के हिस्से सिल्वर आया. इसके अलावा पैरा शॉटपुट में शर्मिला धनखड़ ने गोल्ड, डिस्कस थ्रो में सीमा कालीरमन और जैवलिन थ्रो में यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज, वहीं नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में सिल्वर जीता.
खुशी में फोड़े पटाखे
शनिवार को प्रिया घनघस के गांव धनाना में ग्रामीणों ने उनके गोल्ड की खुशी में पटाखे फोड़े. वहीं, हिसार के भेरिया गांव में अंकुश पंघाल की जीत पर परिवार और गांव वालों ने जश्न मनाया. गोल्ड जीतने के बाद प्रिया ने कहा कि तैयारी के दौरान वजन मेंटेन रखने के लिए उन्होंने मिठाई खाना छोड़ दिया था, अब घेवर का सीजन है तो वे मिठाई खा सकेंगी.
ऐसा रहा सफर
हांसी के बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल का प्लस- 90 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में मुकाबला इंग्लैंड के डामर थॉमस से हुआ था, फाइनल में हार के बाद उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा.