हिसार | हरियाणा के हिसार में करीब सात साल से अटके राजगढ़ रोड फोरलेन प्रोजेक्ट का रास्ता अब साफ हो गया है. गांव डाया में वन विभाग को देने के लिए 10 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी गई है. इसके बदले पंचायत विभाग को 1.54 करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर दी गई है. पंचायत विभाग जमीन को वन विभाग के नाम हस्तांतरित करेगा. इसके बाद वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलते ही सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. राजगढ़ रोड के नवीनीकरण और फोरलेन निर्माण का काम लंबे समय से वन विभाग की एनओसी के अभाव में रुका हुआ था.

सड़क चौड़ी करने के दौरान 50 से अधिक पेड़ों की कटाई होनी है. इसके बदले नए पौधे लगाने के लिए वन विभाग ने जमीन उपलब्ध कराने की शर्त रखी थी. बीएंडआर ने कई जगह जमीन तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. अब गांव डाया में जमीन मिलने के बाद परियोजना की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है.
सड़क का चौड़ीकरण
वन विभाग ने पेड़ों की एवज में बीएंडआर से 60 लाख रुपये भी जमा कराने को कहा है. जमीन वन विभाग के नाम होने और यह राशि जमा होने के बाद विभाग एनओसी जारी करेगा. इसके बाद, सड़क किनारे खड़े पेड़ों की कटाई का काम शुरू हो सकेगा. करीब 35 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में सपरा अस्पताल से नेशनल हाईवे बाईपास तक लगभग 5.5 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा. मौजूदा 10 मीटर चौड़ी सड़क को बढ़ाकर 15 मीटर किया जाएगा. इसमें 1.4 किलोमीटर लंबी सीसी रोड का नए सिरे से निर्माण होगा, जबकि शेष हिस्से पर कारपेटिंग की जाएगी. सड़क के बीच डिवाइडर, रेलिंग और दोनों ओर फुटपाथ भी बनाए जाएंगे.
औपचारिकताएं पूरी
राजगढ़ रोड फोरलेन बनने से आजाद नगर, गंगवा और आसपास के गांवों सहित 50 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. वर्ष 2019 के बाद से इस हिस्से की सड़क की स्थिति लगातार खराब होती गई और फिलहाल कई जगह केवल पैचवर्क के सहारे यातायात चल रहा है. पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के एक्सईएन जतिन खुराना के अनुसार, डाया गांव की जमीन फाइनल हो चुकी है. जल्द ही, इसे वन विभाग के नाम किया जाएगा. मानसून समाप्त होने तक टेंडर समेत सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है.