चरखी दादरी को मिलेगा सिंचाई व पेयजल के लिए भरपूर जल, नहरों में छोड़ा गया 1,000 क्यूसिक पानी

चरखी दादरी | हरियाणा के चरखी दादरी जिले में लगातार बारिश नहीं होने और पिछली बारी में नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से पेयजल और सिंचाई का संकट गहराता जा रहा है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई जलघर खाली होने की स्थिति में हैं, जबकि खरीफ फसलें बढ़वार के अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. ऐसे में मौजूदा टर्न में जिले को 1000 क्यूसिक नहरी पानी मिलने से किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. यदि पानी का सही वितरण हुआ तो खेतों की सिंचाई के साथ जलघरों को भी भरने में मदद मिलेगी.

Bhakra Nahar Canel

बारिश की कमी के कारण जिले में पेयजल की मांग लगातार बढ़ रही है. आमतौर पर मानसून के दौरान तापमान कम होने से पानी की खपत घट जाती है, लेकिन इस बार उमस और गर्मी के चलते हालात अलग हैं.

बोरिंग के सहारे सिंचाई

शहर के दोनों प्रमुख जलघर पर्याप्त पानी के बिना हैं, जबकि कई ग्रामीण जलघरों में भी जल संकट बना हुआ है. ऐसे में नहरी पानी आने से जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है. इस समय जिले में बाजरा, कपास, धान, ग्वार समेत अन्य खरीफ फसलें अंतिम बढ़वार के दौर में हैं. इनमें धान की फसल को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत है. नहरों में पानी की कमी के कारण किसान ट्यूबवेल और बोरिंग के सहारे सिंचाई कर रहे हैं. इससे बिजली खर्च बढ़ रहा है और भूजल का दोहन भी तेजी से हो रहा है.

पिछले टर्न में जिले के कई हिस्सों तक नहरी पानी नहीं पहुंच पाया था. नहरों और माइनरों के अंतिम छोर के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिला, जिसके बाद विभाग से अतिरिक्त पानी की मांग उठाई गई थी. अब 1000 क्यूसिक पानी मिलने से उम्मीद है कि खेतों के साथ जलघर भी भर सकेंगे.

पानी छोड़ने की मांग

यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो नहरी पानी की जरूरत और बढ़ सकती है. पर्याप्त नहरी पानी मिलने से भूजल पर निर्भरता कम होगी और गिरते जलस्तर को संभालने में भी मदद मिलेगी. किसानों ने विभाग से पानी चोरी रोकने और नहरों की नियमित निगरानी की मांग भी की है, ताकि अंतिम छोर तक बराबर पानी पहुंचे. शहर के दोनों जलघरों के अलावा सांजरवास, ढाणी फोगाट, सांवड़, मिसरी, कपूरी, मंदोला, चरखी, बिरही कलां, घिकाड़ा, पैंतावास, अचीना, रानीला और बौंद कलां सहित कई गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है. ग्रामीणों ने बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में भी जल्द पानी छोड़ने की मांग की है.

सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सतेंद्र ने बताया कि नहरों में 1000 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है. इस बार नहरी पानी से बेहतर पूर्ति होने की उम्मीद है. इससे किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी और जलघरों को भी भरने में मदद मिलेगी.

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.