भिवानी | हरियाणा के भिवानी जिले के गांव धनाना की बेटी और बॉक्सर साक्षी चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. भारत लौटने पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिवार और खेल प्रेमियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. साक्षी ने कहा कि देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना उनके जीवन का सबसे गर्व का पल है.

भारत लौटने पर मिले सम्मान से वह बेहद भावुक हैं. उन्होंने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाना है. 10 अगस्त से राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा, जहां वह एशियन गेम्स की तैयारी करेंगी.
हरियाणा की बेटी साक्षी चौधरी
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को देते हुए कहा कि जीत और हार, दोनों परिस्थितियों में परिवार हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा. उन्होंने युवाओं से अपील की कि बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत और लगन से जुट जाएं. साक्षी ने बताया कि बॉक्सिंग में उन्हें 14 साल हो चुके हैं और यह उपलब्धि लंबे संघर्ष के बाद मिली है. साक्षी के पिता मनोज कुमार किसान हैं, जबकि मां शीला देवी गृहिणी हैं. उनका भाई भारतीय सेना में कार्यरत है. साक्षी ने वर्ष 2012 में बॉक्सिंग की शुरुआत की थी. उन्होंने एमए की पढ़ाई पूरी कर ली है और फिलहाल एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं.
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हुआ भव्य स्वागत
कॉमनवेल्थ गेम्स में 51 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में साक्षी ने 5- 0 के यूनानिमस डिसीजन से जीत दर्ज की. पूरे मुकाबले में उन्होंने शानदार रणनीति अपनाई. बाएं हाथ से प्रतिद्वंद्वी के हमलों को रोकते हुए दाएं हाथ से लगातार सटीक पंच लगाए. उनके जवाबी हमलों ने मुकाबले में लगातार बढ़त दिलाई और आखिरकार उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया.