नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवारों को लंबे समय से खाली पड़े फ्लैट आवंटित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. इसी कड़ी में द्वारका स्थित जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (JNNURM) के तहत बने करीब 2700 फ्लैटों की मरम्मत और सुधार कार्य के लिए सरकार ने दोबारा टेंडर जारी किया है. इससे पहले जारी टेंडर को निरस्त कर संशोधित प्रक्रिया के तहत नई निविदाएं आमंत्रित की गई हैं.

सरकार इस परियोजना पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च करेगी. लंबे समय से खाली रहने के कारण फ्लैटों में कई जगह मरम्मत की जरूरत पैदा हो गई है. ऐसे में निर्माण संबंधी कमियों को दूर करने के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, बिजली और पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने, पेंटिंग तथा अन्य जरूरी काम कराए जाएंगे.
दिल्ली में प्रक्रिया शुरू
अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों को फ्लैट आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जेएनएनयूआरएम योजना के तहत इन फ्लैटों का निर्माण शहरी गरीबों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था. हालांकि, विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से इनका आवंटन लंबे समय तक लंबित रहा. अब सरकार इन आवासों को रहने योग्य बनाकर जल्द आवंटित करने की तैयारी में है.
कमजोर परिवारों को राहत
परियोजना पूरी होने के बाद हजारों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी. साथ ही, लंबे समय से खाली पड़े सरकारी आवासों का बेहतर उपयोग भी हो सकेगा. सरकार का फोकस आवास योजना के लाभ को पात्र लोगों तक जल्द पहुंचाने और शहरी गरीबों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने पर है.