रेवाड़ी | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को बावल मंडी में आयोजित समरसता एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि भविष्य में जाति प्रमाण पत्र में ‘चमार’ शब्द की जगह ‘मेघवाल’ शब्द के इस्तेमाल के लिए वह केंद्र सरकार को अपनी सिफारिश भेजेंगे. CM के सामने मेघवाल समिति की ओर से 10 मांगें रखी गई थीं. इनमें जाति प्रमाण पत्र में ‘चमार’ की जगह ‘मेघवाल’ शब्द का इस्तेमाल करने की मांग प्रमुख थी.
मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सहमति जताते हुए केंद्र सरकार को सिफारिश भेजने का आश्वासन दिया. उन्होंने समिति की अन्य मांगों को भी पूरा करने का भरोसा दिलाया. CM कार्यक्रम में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के साथ पहुंचे.
CM ने खिंचवाई फोटो
इस दौरान बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव और कोसली विधायक अनिल यादव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली 411 प्रतिभाओं को सम्मानित किया. इस दौरान वह मंच से नीचे आए और प्रतिभाओं के साथ फोटो भी खिंचवाई. वहीं, कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुभाष छाबड़ी को डिटेन किया.
वह काले कपड़े पहनकर कार्यालय से बाहर आए थे. इसके अलावा एनएसयूआई के रवि मसीत और शहरी जिला अध्यक्ष प्रणीन चौधरी को भी सुबह हाउस अरेस्ट किया गया. पुलिस ने यह कार्रवाई गुरुग्राम में हुई घटना को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर की.
किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों ने हमेशा समाज को जात-पात और भेदभाव से दूर रहने का संदेश दिया. उन्होंने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की बेगमपुरा की कल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ऐसा समाज था, जहां भेदभाव, भय और अन्याय के लिए कोई स्थान नहीं था. उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले, डॉ. भीमराव अंबेडकर, माता सावित्रीबाई फुले और संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी महापुरुषों की मंजिल एक थी – ज्ञान, सम्मान और समान अवसर.
