दिल्ली सरकार का फैसला, कर्ज चुकाने के लिए बनाया नया फंड; 5 साल में जमा होगी रकम

नई दिल्ली | राजधानी की दिल्ली सरकार ने अपने कर्ज और भविष्य में चुकाई जाने वाली दूसरी बड़ी देनदारियों के लिए अलग वित्तीय व्यवस्था तैयार की है. सरकार ने बकाया देनदारियों का समय पर भुगतान करने के लिए कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड (सीएसएफ) गठित किया है. वित्त विभाग की अधिसूचना के मुताबिक इस फंड का इस्तेमाल चालू वित्त वर्ष से शुरू किया जाएगा. अगले 5 वर्षों में सीएसएफ में जमा रकम को कुल बकाया देनदारियों के पांच प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा.

Rekha Gupta

फंड में रखी राशि को किसी दूसरे सरकारी काम में खर्च नहीं किया जा सकेगा. भविष्य में सामने आने वाली ऋण संबंधी देनदारियों के भुगतान के लिए पहले से वित्तीय संसाधन तैयार रखना है.

करोड़ों की देनदारी

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक दिल्ली सरकार पर कुल 30,556.54 करोड़ रुपये की बकाया देनदारियां थीं. इसमें 2013-14 में दिल्ली विद्युत बोर्ड और दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई अंडरटेकिंग की देनदारियों के भुगतान के लिए केंद्र से मिला 3,326.39 करोड़ रुपये का गैर-योजनागत ऋण भी शामिल है. इसके अलावा चंद्रावल जल शोधन संयंत्र से जुड़ी 447 करोड़ रुपये की देनदारी भी इसमें शामिल है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में दिल्ली का बकाया कर्ज जीएसडीपी का करीब 2.30 प्रतिशत था. सरकार के अनुसार राजधानी की कर्ज स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है.

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नहीं भरा जाएगा फंड

अधिसूचना के अनुसार सीएसएफ में सामान्य राजस्व के अलावा अन्य स्रोतों से भी पैसा जमा किया जा सकेगा. हालांकि इसमें योगदान करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से उधार नहीं लिया जाएगा. फंड में जमा राशि और उससे मिलने वाली आय को सामान्य राजस्व से अलग रखा जाएगा. आरबीआइ के नागपुर स्थित केंद्रीय लेखा अनुभाग को इसके संचालन की जिम्मेदारी दी गई है.

अतिरिक्त रकम का निवेश

फंड में जरूरत से ज्यादा राशि जमा होने पर उसे निष्क्रिय नहीं रखा जाएगा. सरकार अतिरिक्त रकम को केंद्र सरकार के बान्ड, ट्रेजरी बिल और अन्य राज्यों की सुरक्षित प्रतिभूतियों में निवेश कर सकेगी. इससे फंड की राशि पर आय भी अर्जित होगी. जरूरत पड़ने पर इन निवेशों के आधार पर आरबीआइ से सीमित अवधि के लिए विशेष ऋण या नकदी सुविधा भी ली जा सकेगी. इस व्यवस्था का मकसद भविष्य की देनदारियों के लिए वित्तीय तैयारी मजबूत करना और सरकारी धन का बेहतर प्रबंधन करना है.

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.