नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली परिवहन निगम (DTC) को राजधानी की लाइफलाइन माना जाता है लेकिन इसके प्रबंध निदेशक का पद लगातार बदलावों से गुजर रहा है. हालात ऐसे हैं कि पिछले दो वर्षों में ही निगम के तीन प्रबंध निदेशक बदले जा चुके हैं. अब जितेंद्र यादव का भी तबादला कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने उन्हें लक्षद्वीप भेजा है. जितेंद्र यादव ने 22 सितंबर 2025 को DTC के प्रबंध निदेशक का पद संभाला था.
अभी उनका कार्यकाल एक साल भी पूरा नहीं हुआ था कि तबादले के आदेश आ गए. लगातार हो रहे इन बदलावों के बीच DTC में चल रही योजनाओं को लेकर प्रबंधन की निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं.
योजनाओं पर चल रहा काम
DTC में बसों का बेड़ा बढ़ाने और नई बसों के लिए इलेक्ट्रिक डिपो तैयार करने जैसी कई योजनाओं पर काम चल रहा है. बसों की उपलब्धता बेहतर करने और बार- बार होने वाले ब्रेकडाउन को कम करने की कोशिश की जा रही है. निगम की आय बढ़ाने के लिए भी नए स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं. ऐसे समय में शीर्ष पद पर लगातार बदलाव होने से योजनाओं को गति देने और उनके क्रियान्वयन में निरंतरता बनाए रखना चुनौती बन सकता है.
2 साल में बदले 3 MD
DTC के पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो प्रबंध निदेशक के पद पर अधिकारी लंबे समय तक नहीं टिक पाए. जितेंद्र यादव से पहले प्रिंस धवन ने 16 जून 2025 को यह जिम्मेदारी संभाली थी. हालांकि, करीब तीन महीने बाद 21 सितंबर 2025 को उनका तबादला हो गया. उनसे पहले सचिन शिंदे ने 12 अगस्त 2024 को DTC के प्रबंध निदेशक का पद संभाला था. जून 2025 में उनका भी तबादला कर दिया गया.
इस तरह करीब दो साल के भीतर सचिन शिंदे, प्रिंस धवन और जितेंद्र यादव के रूप में तीन प्रबंध निदेशक बदल चुके हैं. लगातार बदलाव के चलते DTC की दीर्घकालिक योजनाओं और प्रबंधन में स्थिरता बनाए रखना निगम के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.
