झज्जर | शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में झज्जर जिले के बेरी स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका बबीता अहलावत को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया. पुरस्कार मिलने के बाद बबीता अहलावत ने इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ के भरोसे का परिणाम बताया.
बबीता अहलावत पिछले 9 वर्षों से बेरी के सरकारी प्राथमिक स्कूल में कार्यरत हैं. इस दौरान उन्होंने स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने पर भी काम किया. उन्होंने दिहाड़ी मजदूरों के बच्चों को स्कूल तक लाने और प्रवासी परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रयास किए.
बारिश में भर जाता था पानी
शिक्षक की जिम्मेदारी सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में भी काम करना जरूरी है. बेरी के स्कूल में कार्यभार संभालने के शुरुआती दिनों में बारिश के दौरान परिसर में करीब 4 फीट तक पानी भर जाता था. इससे विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को परेशानी होती थी. बबीता अहलावत ने समस्या के समाधान के लिए स्थानीय दानदाताओं से सहयोग जुटाया. करीब 7 लाख रुपए की राशि एकत्र कर स्कूल परिसर में मिट्टी भरवाई गई और टाइल्स लगवाई गईं. इसके बाद जलभराव की समस्या काफी हद तक दूर हो गई.
शिक्षा क्षेत्र में 28 साल का अनुभव
बबीता अहलावत करीब 28 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं. उनके प्रयासों से स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने की दिशा में काम हुआ. राज्य स्तरीय पुरस्कार मिलने पर उन्होंने कहा कि यह सम्मान अकेले उनका नहीं है. इसमें स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सहयोग करने वाले लोगों की सामूहिक मेहनत शामिल है. उनकी उपलब्धि पर बेरी क्षेत्र में खुशी का माहौल है और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी है.
