चंडीगढ़ | हरियाणा में 1 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों और कस्बों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मास्टर प्लान के तहत कई शहरों के बाहर रिंग रोड और बाईपास विकसित करने की परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है. इन सड़क परियोजनाओं पर करीब 9,700 करोड़ खर्च किए जाएंगे. मास्टर प्लान के तहत हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल और जींद में रिंग रोड के निर्माण की योजना को स्वीकृति मिली है. सोहना- पलवल बाईपास का निर्माण भी इस परियोजना में शामिल किया गया है.
इन सड़क मार्गों के तैयार होने के बाद भारी वाहनों और शहर से बाहर जाने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा. इससे प्रमुख शहरों के अंदर जाम की स्थिति कम होने और यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है. साथ ही आसपास के क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने का भी फायदा मिलेगा.
शेयरिंग पर बनेगी रणनीति
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई फाइनेंशियल मॉडल फॉर स्टेट कंट्रीब्यूशन की बैठक में परियोजनाओं के वित्तीय मॉडल को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए. केंद्र सरकार की लागत शेयरिंग के लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं.
हरियाणा में एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों के बाहर बनाए जाएंगे रिंग रोड़, मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने दी मंजूरी
एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों एवं कस्बों में ट्रैफिक का दबाव कम करने और बेहतर आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मास्टर प्लान के तहत हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल,… pic.twitter.com/mqlmm9tTOJ
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 12, 2026
वित्तीय व्यवस्था में सुधार
यह कमेटी केंद्र सरकार के साथ लागत शेयरिंग से जुड़े मामलों पर काम करेगी और परियोजनाओं के लिए वित्तीय व्यवस्था को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएगी. इससे बड़े शहरों के बाहर रिंग रोड बनने से भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को संभालने में भी मदद मिलेगी.
