दिल्ली में बस नहीं मिली तो मेट्रो की तरफ दौड़े यात्री, 4 दिन में बदल गई सफर की तस्वीर; बना नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में DTC की बसों का इंतजार यात्रियों की जेब पर भारी पड़ने लगा है. निजी कंपनियों के चालकों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रहने से कई रूट पर बसों की आवाजाही प्रभावित हुई. जिन यात्रियों का सफर बस से 10 से 20 रुपये में पूरा हो जाता था, उन्हें ऑटो और ई-रिक्शा के लिए 150 से 200 रुपये तक खर्च करने पड़े. वहीं महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा होने के बावजूद उन्हें दूसरे साधनों पर पैसे खर्च करने पड़े. विश्वविद्यालय के पास बस स्टैंड पर खड़ी सरोज भी बस नहीं मिलने से परेशान दिखीं.

Metro Train

दोपहर की तेज धूप में वह करीब एक घंटे तक डीटीसी की बस का इंतजार करती रहीं. बस नहीं आने के बाद उन्हें ऑटो या ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ा. जिस दूरी के लिए बस में उनका कोई पैसा खर्च नहीं होता, उसी सफर के लिए ऑटो चालक को करीब 100 रुपये देने पड़े.

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1 घंटे बस का इंतजार

ऐसी स्थिति केवल एक बस स्टैंड तक सीमित नहीं रही. शहर के अलग-अलग इलाकों में यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. इससे नौकरी, कॉलेज और दूसरे जरूरी काम से निकलने वाले लोगों का रोजाना आने-जाने का खर्च भी बढ़ गया है. बसों की परेशानी के बीच बड़ी संख्या में यात्रियों ने दिल्ली मेट्रो का रुख किया है. पिछले चार दिनों से मेट्रो को विकल्प के तौर पर चुनने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है. शुक्रवार को मेट्रो में यात्रियों की संख्या रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई.

2700 चालकों को उतारा गया

बसों का परिचालन दोबारा सामान्य करने के लिए डीटीसी ने अब अपने 2700 चालकों को मैदान में उतारा है. ये चालक अभी तक विभाग के दूसरे कार्यों में तैनात थे. अब इन्हें निजी कंपनियों की बसें चलाने की जिम्मेदारी दी गई है.

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.