अंबाला । अंबाला के बराड़ा शहर को विश्व पटल पर पहचान दिलाने वाले श्रीराम लीला क्लब बराड़ा तीन वर्षों के बाद एक बार फिर रावण के पुतले के दहन को लेकर सुर्खियों में है. विश्व के सबसे ऊंचे 221 फुट के रावण के पुतले का खिताब अपने नाम करने वाले श्रीराम लीला क्लब बराड़ा इस बार 100 फुट ऊंचे पुतले का दहन 15 अक्टूबर को करने जा रहा है. बता दें कि यह क्लब 5 बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा चुका है.
क्लब के संस्थापक तेजेन्द्र चौहान ने बताया कि कोरोना काल और बराड़ा शहर में मैदान की उपलब्धता न होने के कारण इस बार रावण के पुतले के दहन का कोई इरादा नहीं था लेकिन शहरवासियों के अनुरोध के चलते उन्हें इस बार फिर से रावण के पुतले के दहन का कार्यक्रम बनाना पड़ा. उन्होंने बताया कि शहरवासी लगातार उन्हें दोबारा फिर से दशहरा महोत्सव कार्यक्रम शुरू करने की अपील कर रहे थे . शहरवासियों का कहना था कि पिछले तीन वर्षों से दशहरा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित नहीं होने से शहर की रौनक गायब हो गई है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फिर से दशहरा महोत्सव कार्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया है.
तीन दिन चलेगा कार्यक्रम
श्रीराम लीला क्लब बराड़ा के संस्थापक तेजेन्द्र चौहान ने बताया कि पहले जहां दशहरा महोत्सव पांच दिन तक चलता था , वहीं अब यह महोत्सव 3 दिन का होगा. तीन दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और रावण दहन से पहले जबरदस्त आतिशबाजी का प्रबंध भी किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस 100 फुट ऊंचे रावण के पुतले का रंग- रूप हु-ब-हु 221 फुट ऊंचे रावण के पुतले जैसा ही होगा.
जो सामग्री उस पुतले में इस्तेमाल की गई थी वही इस पुतले में लगाई जाएगी. इसके अलावा रावण के इस पुतले में आतिशबाजी के इस्तेमाल के साथ-2 इसका दहन रिमोट कंट्रोल के जरिए ही किया जाएगा. इस पुतले को बनाने पर करीब 10 लाख रुपए की राशि खर्च होगी. इस पुतले को बनाने का काम संस्थापक तेजेन्द्र चौहान की देखरेख में कारीगर सोमवार से शुरू करने जा रहे हैं. इसके लिए शीघ्र ही एक मीटिंग बुलाई जाएगी जिसमें विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के अलावा दशहरा महोत्सव के लिए जगह का चयन भी किया जाएगा.
