अचानक हुए मौसम में बदलाव से किसान परेशान, समय पर नहीं हो पाएगी गेहूं की बिजाई

फतेहाबाद । इस बार किसानों ने गेहूं की बिजाई का कार्य समय प्रारंभ कर दिया था. परंतु जिन किसानों द्वारा धान की बिजाई की गई थी उन क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई नहीं की गई. किसानों ने गेहूं की बिजाई के लिए भूमि को तैयार किया हुआ था. परंतु रविवार को मौसम के इस प्रकार अचानक बदल जाने से किसानों का गणित बिगड़ गया है. हरियाणा के अनेक जिलों में भारी बारिश होने की वजह से अब 6-7 दिनों तक किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पाएंगे. मौसम विभाग की माने तो अभी सोमवार और मंगलवार को भी बरसात होने की संभावना है. यदि और अधिक बारिश होती है तो इस बार गेहूं की बिजाई समय पर नहीं हो पाएगी.

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बीज अंकुरित होने में लगेगा समय

किसानों के अनुसार गेहूं की बिजाई करने से पहले खेत की भूमि को अच्छी तरह से तैयार करना आवश्यक होता है क्योंकि बीजों का अंकुरण सही तापमान में ही अच्छे से हो पाता है. किसान गेहूं की बिजाई हेतु सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे कई आधुनिक कृषि उपकरणों का भी प्रयोग करते हैं. लेकिन भारी बारिश की वजह से मौसम में तापमान कम हो गया है, ठंडक बढ़ गई है इसलिए बीजों के अंकुरित होने में 10 से 15 दिन लग जाएंगे.

तीन चरणों में होती है गेहूं की बिजाई

फतेहाबाद में गेहूं की बिजाई लगभग 1,80,000 हेक्टेयर जमीन पर की जाती है. ऐसी स्थिति में सही प्रकार से बीज का चयन, समय का ध्यान व बीज का सही उपचार करना बहुत आवश्यक है. फिलहाल सिर्फ 20 प्रतिशत गेहूं की बिजाई की गई है. पहले चरण में गेहूं की बिजाई 25 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच की जानी थी जो किसानों द्वारा पूर्ण कर ली गई है.

अब 11 नवंबर से 25 नवंबर तक दूसरा चरण चल रहा है. इस समय किसान WH 542, WH 711, डब्लू एच 283, WH 416 किस्म की गेहूं की बिजाई कर सकते हैं. 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक गेहूं की बिजाई का तीसरा चरण चलेगा. यह चरण पछेती में गिना जाता है. इस चरण में किसान HD 2851, UP 2338, RAJ 3765, PBW 373, RAJ 3077 किस्म की गेहूं की बिजाई कर सकते हैं. किसान पहले के दो चरणों में 40 KG प्रति एकड़ व तीसरे चरण में लगभग 50 से 60 KG प्रति एकड़ गेहूं की बिजाई कर सकते हैं.

किसानों को नुकसान से बचाने के लिए दी गई सलाह

वर्तमान में गेहूं की बिजाई का कार्य जोरों शोरों से चल रहा था. लेकिन कुछ स्थानों पर भारी बरसात होने की वजह से अब गेहूं की बिजाई में काफी समय लग जाएगा. किसानों से अपील की गई है कि वह गेहूं की बिजाई मौसम को ध्यान में रखते हुए ही करें. यदि भविष्य में बरसात होती है तो किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. डॉ भीम सिंह, SDO, कृषि विभाग, फतेहाबाद ने किसानों को सलाह दी है कि वह प्रति एकड़ बीज की मात्रा को भी अधिक रखें. भविष्य में बारिश की वजह से तापमान में कमी आने की संभावना है और बीजों के अंकुरित होने में समस्या आ सकती है.

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Sahil Maurya
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