चंडीगढ़ | हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आने वाले समय में पलवल-मेवात क्षेत्र को प्रगतिशील जिलों के रूप में चिन्हित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की प्रगति के लिए केंद्र सरकार द्वारा मेवात में विद्युत से संबंधित उद्योग स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे यहां औद्योगिक विकास को गति मिलेगी.
उन्होंने ग्राम पंचायत के समक्ष प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि अगर ग्राम पंचायत सरकार को 200 एकड़ जमीन मुहैया कराती है तो सरकार यहां आधुनिक गोदाम बनाने को तैयार है. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मुंबई-दिल्ली सुपर हाईवे के बनने से यहां बड़े उद्योग खुलेंगे और इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. वे रविवार को पलवल जिले के ग्राम कोट में जजपा द्वारा आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे.
80 एकड़ में बनेंगी इलेक्ट्रिक बसें
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार देने के लिए नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बनाया गया है और इसके लिए जल्द ही उच्च न्यायालय से मंजूरी मिल जाएगी और प्रदेश के युवाओं को राज्य को निजी क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे. उन्होंने कहा कि मेवात क्षेत्र को अभी पिछड़ा क्षेत्र माना जाता है लेकिन भविष्य में यह क्षेत्र बहुत आगे बढ़ेगा. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इसके लिए गोदाम परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पहला आधुनिक गोदाम गांव में बनेगा जहां पंचायत 200 एकड़ जमीन मुहैया कराएगी. अब इस क्षेत्र में 80 एकड़ में इलेक्ट्रिक बसें बनेंगी, जिससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा.
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक और मोबाइल फोन की बैटरी का समय है जो अब तक चीन और ताइवान देशों से आयात की जाती थी, अब वही बैटरी मेवात क्षेत्र के रोजका मेव गांव में बनेगी. डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि इसके अलावा केंद्र सरकार ने क्षेत्र में बिजली से जुड़े उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा सरकार मेवात में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है.
किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर 72 घंटे मेें करें आवेेदन
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने किसानों से मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इससे फसल बेचने के 72 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खाते में फसल की राशि पहुंचने में सुविधा होगी. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अगर किसी किसान की फसल खराब होती है तो फसल खराब होने पर उसे 15,000 रुपये मुआवजे के रूप में मिलेगा.
उन्होंने कहा कि अब किसानों को फसल नुकसान के लिए पटवारियों के पीछे नहीं भागना पड़ेगा, क्योंकि किसान अपनी क्षतिग्रस्त फसल की फोटो लेकर मेरी फसल का विवरण पोर्टल पर स्वयं अपलोड करेगा और उसके बाद पटवारी स्वतः ही सर्वे के लिए पहुंच जाएगा. किसान के पंजीकृत मोबाइल फोन पर संदेश देगा कि उसकी फसल का कितना प्रतिशत नुकसान हुआ है.
