फिर से नरमा खरीद का हब बनेगा हरियाणा का यह जिला, व्यापारियों के रुझान से 2 नई कॉटन फैक्ट्रियां हुई शुरू

फतेहाबाद | नरमा उत्पादन और खरीद में कभी हरियाणा के हब के रुप में पहचान बना चुके फतेहाबाद जिले को फिर से पुराने दिन लौटने की उम्मीद जगी है. यहां इस सीजन से दो नई कॉटन फैक्ट्रियां स्थापित होने से नरमा व्यापार की दृष्टि से यह जिला फिर से अपनी पुरानी पहचान की ओर वापस आ रहा है. बता दें कि इससे पहले यहां 2 फैक्ट्रियां चल रही थी और अब 2 नई फैक्ट्रियां स्थापित होने से इनकी संख्या बढ़कर 4 हो जाएगी.

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करीब तीन दशक पहले तक फतेहाबाद जिले को कॉटन बेल्ट के नाम से पूरे प्रदेश में जाना जाता था और यहां सिरसा रोड़ पर बड़े घरानों, जिनमें बिरला मिल, मीनाक्षी मिल,जेसी मिल की कॉटन फैक्ट्रियां हुआ करती थी. इन मिलों द्वारा अनाज मंडी से नरमा की खरीद की जाती थी और नरमा से बिनौला अलग कर रुई की गांठें तैयार करने का काम बड़े स्तर पर होता था. यहां से तैयार गांठें मुंबई, गुजरात सहित देश के अन्य हिस्सों में भेजी जाती थी.

उस समय फतेहाबाद के आसपास की मंडियों के व्यापारी भी यहां नरमा बेचने आते थे लेकिन किन्हीं कारणों के चलते इन घरानों का कॉटन मिल से मोह भंग हो गया और ये फैक्ट्रियां बंद होती चली गई. अब पिछले दो साल से व्यापारियों ने फिर से यहां कॉटन फैक्ट्रियां स्थापित करने में रूचि दिखाई है और उसी का नतीजा है कि यहां इनकी संख्या दो से बढ़कर 4 हो गई है. इनमें एक दौलतपुर रोड़ पर बीके इंडस्ट्रीज व दूसरी खैराती रोड़ पर केएम कॉटन शामिल हैं. स्थानीय अनाज मंडी के एक व्यापारी ने बताया कि नई कॉटन फैक्ट्रियां स्थापित होने से किसान और व्यापारी दोनों को फायदा मिलेगा.

बरसात से कपास की फसल में नुकसान

कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस बार फतेहाबाद जिले में 59 हजार हेक्टेयर भूमि पर नरमा की बिजाई हुई थी लेकिन अधिक बरसात की वजह से ज्यादातर क्षेत्रों नरमा पूरी तरह से बर्बाद हो गई है. खासकर भट्टू क्षेत्र में तो नरमा न के बराबर है. वही भूना, रतिया व फतेहाबाद में कुछ हद तक नरमा उत्पादन अच्छा रहने की उम्मीद है. अधिकारी ने बताया कि अगर किसान को प्रति एकड़ 15 मन तक भी उत्पादन मिलता है तो उसे 50 हजार के पार आमदनी होना सुनिश्चित मान सकते हैं.

शुरुआती दौर में किसानों को मिला रिकॉर्ड भाव

प्रदेश की मंडियों में धीरे- धीरे कपास की आवक शुरू हो रही है. शनिवार को फतेहाबाद अनाज मंडी में नरमे का भाव 9800 व टोहाना अनाज मंडी में 9900 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो कि पिछले साल से तीन हजार रुपए प्रति क्विंटल ज्यादा है. बता दें कि केंद्र सरकार ने नरमा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6080 रुपए प्रति क्विंटल तय किया हुआ है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.