पंचकुला | हरियाणा सरकार राज्य में बिजली की चोरी पर नकेल कसने में काफी हद तक कामयाब हुर्ह भी है, किंतु अब बिजली विभाग के लिए उसके अफसर ही एक बहुत बड़ी परेशानी बन गए हैं. ऐसे में अब एक बड़ा खुलासा निकल कर सामने आया है जहां हरियाणा के सरकारी दफ्तरों खास कर प्रमुख अधिकारियों के घर व कार्यालयों में जोरो शोरो से बिजली चोरी जैसा घिनौना काम किया जा रहा है और यही बिजली विभाग का काला सच है जो आज सबके बीच यूं निकल कर आया है. पहले के समय पर बिजली चोरी करने के मामलों में गांवों का नाम सबसे ऊपर आता था, किंतु अब जहां एक ओर गांवों में बिजली चोरी गई है तो वहीं दूसरी ओर अब छोटी औद्योगिक इकाइयों में बिजली चोरी करने का कारोबार बढ़ गया है. यहां तक कि इंडस्ट्री के बाद अब अधिकारियों के कार्यालयों व उनके घरों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी की रिपोर्ट्स यानी शिकायतें सरकार के पास हर दिन पहुंच रही है.
सरकार के पास पहुंची जिला उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के कार्यालय व उनके घरों में बिजली चोरी की शिकायत
अगर स्पष्ट रूप से इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा जाए तो बिजली विभाग के अधिकारी इन उच्च अधिकारियों के कार्यालयों व इनके घरों में बिजली चोरी को रोकने के लिए छापे मारी करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. अगर बीते कुछ दिनों पहले की बात करें तो बिजली मंत्री रणजीत चौटाला जी ने अपने ही विभाग के कुछ प्रमुख पदों पर आसीन अधिकारियों के ख़िलाफ़ बिजली चोरी में कड़ी कार्रवाई करते हुए अफसरशाही को विशेष संदेश देने की कोशिश की थी, परंतु इसके पश्चात भी अधिकारियों के घर व उनके कार्यालयों में बिजली चोरी की वारदातों में कमी देखने को मिली हो, यह बात अब मात्र एक सपना ही बन कर रह गई है क्योंकि अब भी अफसरशाही का बोल बाला है और चोरी यूं ही पहले की तरह बरकरार है.
बिजली चोरी करने वाले सरकारी कार्यालयों व अफसरों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है सरकार
हरियाणा में कई जिला उपायुक्तों (DC) व पुलिस अधीक्षकों के घर पर ग़लत तरीके से बिजली कनेक्शन लेने की रिपोर्ट निकल कर सामने आई है. इसमें एस डी एम, डी एस पी थानेदार और पुलिस इंस्पेक्टर रैंक के सभी अधिकारी शामिल हैं. अगर सरल शब्दो में कहा जाए तो ऊपर से नीचे तक सभी अधिकारी इस चोरी में शामिल हैं. चंडीगढ़ शहर को यदि छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी जगहों पर प्रशासनिक प्रमुख अधिकारियों के यहां से भी बिजली चोरी की शिकायतें अब तक सरकार के पास दर्ज़ करवाई जा चुकी हैं. आपको जान कर बेहद आश्चर्य होगा कि इनमें काफ़ी सारे सरकारी दफ्तर भी शामिल हैं और सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं. अब सरकार की ओर से सख्ताई बरतते हुए कहा गया है कि बिजली चोरी करने वाले सरकारी कार्यालयों व अफसरों के ख़िलाफ़ कड़ी करने के लिए सरकार पूर्ण रूप से तैयार है.
