अंबाला | इन दिनों सड़क दुर्घटनाओं का किस्सा आम बात हो गई है क्योंकि लोगों को हर काम में जल्दी रहती है जिसके कारण कई बार दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है. एक सड़क दुर्घटना उसके परिवार की सारी खुशियां छीन लेती है, लेकिन अंबाला के सोलंकी और जगदीश चंडोक ने ठान लिया है कि वे लोगों को अनोखे तरीके से हेलमेट की अहमियत सिखाएंगे. जानिए कैसे …
अंबाला में अनोखी पहल
अशोक सोलंकी की बात करें तो पहले वो ऐसे लोगों को रोकते है, जो बिना हेलमेट पहने बाइक पर सवार होते है. पहले उनको सलाम करते है फिर हाथ जोड़कर कहते है कि भाई हेलमेट जरूर पहनो आपकी जान आपके घरवालों के लिए अनमोल है. कई बार तो वो खुद हेलमेट पहना देते है. उनका मानना है कि सबसे ज्यादा चोट सिर पर लगने से होती है. उन्होंने कहा है कि जब तक उसमें जान है, वो लोगों को ऐसे ही समझाते रहेंगे.
जगदीश बताते है रिफ्लेक्टर टेप की विशेषता
जगदीश चंडोक की बात करें तो वो लोगों को रिफ्लेक्टर टेप की विशेषता और उसकी जिंदगी में अहमियत की जानकारी देते है. इसकी वजह है एक हादसा, जब वो पलवल से अंबाला लौट रहे थे और रास्ते में घना कोहरा था. अचानक रास्ते में गाड़ी आपस में टकराई, क्योंकि उन पर रिफ्लेक्टर टेप नहीं थी. बस उसी दिन उसने तय किया कि वह खुद वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाएंगे. उसने बताया कि रिफ्लेक्टर टेप दिखने में साधारण होती है, लेकिन वह लोगों की जिंदगी बचा सकती है.
रोड सेफ्टी जरूरी
इन दोनो का मानना है कि हम थोड़ी- सी कोशिश करे तो रोड हादसों को टाल सकते है. अगर व्यक्ति वाहन की रफ्तार को धीमी रखे, सीट बैल्ट पहने और हेलमेट पहने, तो इन हादसों पर काबू पाया जा सकता है. अशोक सोलंकी और जगदीश चंडोक ने बताया है कि सड़क सुरक्षा कोई मुश्किल चीज नहीं है. इसके लिए सरकार के साथ- साथ आम आदमी को भी प्रयास करना चाहिए.
