हरियाणा की मरूस्थलीय भूमि को दिलाया मिनी इजराइल का खिताब, आज बागवानी खेती से लाखों कमा रहा है किसान सज्जन

भिवानी | हरियाणा सरकार की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे का किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर बागवानी और ऑर्गेनिक खेती की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है. ऐसा ही एक उदाहरण भिवानी जिले के गांव सिरसी के किसान सज्जन सिंह ने पेश किया है. पहले वो खुद बागवानी खेती के क्षेत्र में उतरे और अपनी मेहनत से कम समय में आमदनी में इजाफा किया. उनकी मेहनत रंग लाई तो गांव में भी बदलाव देखने को मिला और आज गांव में 22 किसानों ने अपने खेतों में नेट हाउस लगाए हुए हैं जो लोहारू क्षेत्र में सबसे ज्यादा है.

Sajjan Sirsi Bhiwani

मिनी इजराइल के नाम से मशहूर

बागवानी खेती में किसानों की इस कदर रूचि बढ़ी कि इलाके में सिरसी गांव की पहचान मिनी इजराइल के रूप में होने लगी. इस गांव में नेट हाउस की सबसे पहले शुरुआत सज्जन सिंह ने की थी. धीरे- धीरे उनकी कामयाबी की चर्चा जोर पकड़ने लगी और हर सीजन वो सब्जियों की पैदावार से 5 लाख रूपए तक की आमदनी करने लगे.

धीरे- धीरे अन्य किसानों की भी बागवानी खेती में रूचि बढ़ी तो उनसे मदद लेकर और किसानों ने भी अपने खेतों में नेट हाउस लगाने शुरू कर दिए. फिलहाल, इस गांव में 22 किसानों के खेतों में नेट हाउस लगे हुए हैं. आज क्षेत्र में सज्जन सिंह अन्य किसानों के लिए बागवानी सलाहकार के तौर पर काम कर रहे हैं. वो किसानों को बागवानी खेती से संबंधित हर प्रकार की सलाह निशुल्क दे रहे हैं. आज उनकी गिनती प्रगतिशील किसानों के रूप में होती है.

रंग- बिरंगी फूलगोभी की दिल्ली तक डिमांड

सज्जन सिंह को सब्जियों की वैरायटी लगाने का बहुत शौक है. उनके नेट हाउस में रंग-बिरंगी बैंगनी, पीली, सफेद फूलगोभी की आसपास ही नहीं बल्कि दिल्ली तक डिमांड रहती है. इसी तरह लाल, हरी व पीले रंग की शिमला मिर्च भी लोगों द्वारा खूब पसंद की गई है. इससे पहले उन्होंने गेहूं की अलग- अलग 27 वैरायटी तैयार कर सफल प्रयोग किया था.

शिमला मिर्च ने किया मालामाल

किसान सज्जन सिंह ने बताया कि उसे करीब 2 लाख रुपए हरी शिमला मिर्च से और लाल व पीले रंग की शिमला मिर्च से 5 लाख रूपए से अधिक की कमाई हुई है. इसके अलावा, आधा एकड़ जमीन में बिक्री के लिए प्याज की पौध तैयार करनी शुरू की है, जो कुछ दिन बाद तैयार हो जाएगी. सही मायने में देखा जाए तो मरूस्थलीय क्षेत्र के रूप में मशहूर लोहारू में बागवानी खेती कर सज्जन सिंह ने एक नया उदाहरण पेश किया है और बागवानी खेती में रूचि रखने वाले किसानों के लिए वो प्रेरणा बनकर उभरे हैं.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.