बिजनेस डेस्क | यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आपको पता होगा कि शेयर बाजार में कीमतों में उतार- चढ़ाव होता रहता है. ऐसे में स्टॉक से बाहर निकलने की भी स्ट्रेटजी आपके पास होनी चाहिए. ऐसे ही अलग- अलग सेक्टर की तीन कंपनियों के शेयरों को ब्रोकरेज ने बेचने की सलाह दी है. इन तीन कंपनियों में KEC इंटरनेशनल, हिंदुस्तान युनिलीवर लिमिटेड और हीरो मोटर कॉर्प शामिल है.
ब्रोकरेज के अनुसार, इनके शेयर की कीमतों में 24 परसेंट तक की कमी दर्ज की जा सकती है. इनमें से 1 शेयर आज ग्रीन जोन में है और बाकी दो कंपनियों के शेयर रेड जोन में है. इन तीनों शेयरो में निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या स्ट्रेटजी है. आज की इस खबर में हम आपको उसी बारे में विस्तार से जानकारी देंगे.
ब्रोकरेज ने दी इन कंपनियों के शेयर बेचने की सलाह
KEC एक इंटरनेशनल एमएनसी कंपनी है. इलेक्ट्रिक पावर ट्रांसमिशन टावर बनाने वाली यह देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. इसके अलावा, यह दुनिया की सबसे बड़ी पावर ट्रांसमिशन, इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनियों में शामिल है. घरेलू ब्रोकरेज फर्म एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार इसकी कारोबारी ग्रोथ आगे और भी बेहतर दिखाई दे रही है. ऊंचे वैल्यूएशन भारी कर्ज वाले बैलेंस शीट, वर्किंग कैपिटल में बढ़ोतरी और कमजोर मुनाफे की वजह से रिड्यूस रेटिंग दी गई है. ब्रोकरेज ने इसमें निवेश करने के लिए 433 रूपये का टारगेट फिक्स किया है, जो मौजूदा लेवल से करीब 24 परसेंट डिस्काउंट पर है.
होंडा मोटर एंड स्कूटर इंडिया ने शाइन के 100 सीसी मॉडल के जरिए हंड्रेड सीसी के एंट्री लेवल सेगमेंट में धमाकेदार एंट्री की. ब्रोकरेज एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार इससे हीरो मोटर कोर्ट के इस सेगमेंट में हिस्सेदारी घटी. अभी इस सेगमेंट में हीरो का दबदबा है और इसका करीब 78 परसेंट सेल्स वॉल्यूम इसी सेगमेंट से आता है. इस सेगमेंट में हीरो की 80 परसेंट हिस्सेदारी है. 125 सीसी सेगमेंट में पहले ही इसका मार्केट 55 फ़ीसदी से घटकर अब महज 21 परसेंट रह गया है. ऐसे में ब्रोकरेज ने होंडा की चुनौती को देखते हुए हीरो को रेटिंग खरीदारी से घटाकर रिड्यूस कर दिया है. इसका टारगेट प्राइस 2,512 रूपये फिक्स किया गया है.
एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान युनिलीवर लिमिटेड के शेयर आज बीएसई पर 1.28% की गिरावट के साथ 2680.65 रूपये पर बंद हुए हैं. ब्रोकरेज एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार अभी यह 2450 रूपये तक यानि करीब 9 फ़ीसदी तक टूट सकता है. इसके शेयरों को लेकर यह नेगेटिव रुझान मार्जिन रिकवरी की तुलना में डिमांड पिकअप के ज्यादा सुस्त होने के आसार चल रहे हैं. कच्चे माल की कीमतों में गिरावट पर कंपनी भाव कम कर रही है.
