चंडीगढ़ | कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) को लेकर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने तैयारी बढ़ा दी है. इस क्रम में सबसे पहले आयोग ने प्रदेशभर के जिलों से सेंटरों की डिटेल मांगी है. इनमें उन स्कूलों के नाम और वहां की परीक्षा में उम्मीदवारों के बैठने की क्षमता के बारे में जानकारी देने को कहा गया है. डिटेल आयोग के पास आ चुकी है और शुक्रवार को होने वाली बैठक में इसकी समीक्षा की जाएगी.
दो शिफ्ट में हो सकता है CET
आयोग की तरफ से यह फाइनल किया जाएगा कि कितने सेंटरों पर यह परीक्षा आयोजित की जा सकती है. यदि 15 लाख रजिस्ट्रेशन होते हैं, तो दो सत्रों में सीईटी आयोजित हो सकता है. हालांकि, अभी सरकार की तरफ से सीईटी को लेकर तारीख की घोषणा नहीं की गई है. सूत्रों के अनुसार, सरकार ने आयोग को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी जाए, ताकि समय पर परीक्षा आयोजित हो पाए. सरकार ने हाल ही में सभी विभागों और बोडों व निगमों से रिक्त पदों का ब्योरा भी मांगा है.
2 लाख पदों पर होनी पक्की भर्ती
इससे यह पता चल सकेगा कि किस विभाग में कितने पद खाली हैं. इसी आधार पर आगामी भर्ती की तैयारी भी साथ ही की जा रही है. सीएम नायब सैनी पहले ही कह चुके हैं कि प्रदेश सरकार दो लाख पदों पर पक्की भर्ती करने जा रही है. सबसे पहले HSSC कुल सेंटरों और उनकी सीटों का डेटा फाइनल करेगा. अभी आयोग 15 लाख की क्षमता वाले सेंटरों की तैयारी में लगा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, आयोग का अनुमान है कि अबकी बार सीईटी के लिए 15 लाख के आसपास रजिस्ट्रेशन हो सकते हैं.
अभी तय नहीं हुई है एजेंसी
ऐसे में इनके एग्जाम किस जिले में कितनी क्षमता में लिए जा सकते हैं. यदि आवश्यकता पड़ी तो फिर चंडीगढ़ में भी सेंटर बनाए जा सकते हैं. सभी सेंटरों की डिटेल पर आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह व अन्य सदस्य व सचिव बारी- बारी से मंथन करेंगे. अभी सरकार ने उस एजेंसी का चयन नहीं किया है जो सीईटी कराएगी. ऐसे में संशय बना हुआ है कि पहले की तरह एनटीए ही यह परीक्षा कराएगी या किसी अन्य एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी.
ब्लैकलिस्ट केंद्रों पर नहीं होगी परीक्षा
सूत्रों का कहना है कि एचएसएससी NTA के अतिरिक्त अन्य विकल्प भी पहले ही तैयार कर चुका है, जिसके जरिये यह परीक्षा हो सकती है. यह सरकार ही निर्धारित करेगी कि कौन सी एजेंसी परीक्षा आयोजित करवाएगी. आयोग ने पहले ही निर्देश दें दिए हैं कि जिन सेंटरों को ब्लैकलिस्ट की केटेगरी में डाला जा चुका है, वहां पर परीक्षा नहीं होगी. जो भी स्टाफ किसी तरह से नकल या अन्य कार्यों में संदिग्ध रहा है, उसकी भी ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी. इसके लिए पुलिस की तरफ से वेरीफिकेशन भी कराई जाएगी.
