नई दिल्ली | बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि CBSE समेत विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं 2026- 27 शैक्षणिक सत्र से साल में 2 बार आयोजित की जाएंगी. इन बदलावों को शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कक्षा 11वीं और 12वीं में सेमेस्टर प्रणाली लागू करने की तैयारियां की जा रही हैं.
दोनों परीक्षा में शामिल होना नहीं अनिवार्य
शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए दोनों बार परीक्षा में बैठना जरूरी नहीं होगा, बल्कि ये बदलाव छात्रों के तनाव को कम करने और उन्हें बेहतर स्कोर करने का मौका देने के लिए किए जा रहे हैं. यदि कोई छात्र पहली परीक्षा से संतुष्ट नहीं है, तो वह दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकता है. दोनों परीक्षाओं में से बेस्ट स्कोर को ही अंतिम रिजल्ट के तौर पर माना जाएगा.
छात्रों को मिलेगा बेहतर प्रदर्शन का मौका
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत, छात्रों को एक ही साल में 2 बार बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति देने की सिफारिश की गई थी. इसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए अधिक अवसर देना है. इससे पहले शिक्षा मंत्रालय द्वारा इसे 2024- 25 से लागू करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब इसे 2026- 27 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. शिक्षा मंत्री फरवरी 2024 में घोषणा कर चुके हैं कि ये योजना 2025- 26 शैक्षणिक वर्ष से वैकल्पिक आधार पर लागू की जा सकती है. हालांकि, अब 2026- 27 के लिए अंतिम फैसला स्थगित कर दिया गया है.
