हरियाणा में महाग्राम योजना के तहत विकसित होंगे 148 गांव, शहरों की तर्ज पर मिलेगी यह सुविधाएं

चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरंतर नए प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में प्रदेश सरकार गांवों से शहरों में पलायन रोकने के लिए लागू की गई ‘महाग्राम’ योजना पर काम तेज कर दिया है. महाग्राम यानि 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों को शहरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा.

Unauthorised Colonies

129 गांव किए चिह्नित

प्रदेश सरकार द्वारा पहले चरण में विभिन्न जिलों के 129 गांवों को महाग्राम योजना के तहत चिह्नित किया गया था लेकिन अब सीएम सैनी ने योजना से जुड़े नियमों में थोड़ा बदलाव करते हुए इसमें 19 गांव और शामिल किए हैं. ये ऐसे गांव हैं जिनकी आबादी का आंकड़ा 10 हजार तक है. इनमें कई गांव ऐसे हैं, जो पहले ही कस्बे का रूप ले चुके हैं जबकि कुछ गांव ऐसे हैं, जो शहरों के साथ पूरी तरह से कनेक्ट हैं. ऐसे में इन गांवों में भी सीवेरज सुविधा देने का फैसला लिया गया है.

सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि 19 गांवों में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा जलापूर्ति व सीवरेज सुविधाओं के कार्य लगभग पूरे किए जा चुके हैं. प्रदेश में 34 ऐसे महाग्राम हैं, जिनमें काम शुरू हो चुका है. इनमें दिसंबर, 2027 तक जलापूर्ति और सीवरेज सुविधाएं मुहैया करवाने का लक्ष्य है. इस योजना के तहत विकास एवं पंचायत, पीडब्ल्यूडी, बिजली, सिंचाई व मार्केटिंग बोर्ड आदि विभागों को भी जोड़ा गया है. शहरों की तर्ज पर जलापूर्ति और सीवरेज सिस्टम के अलावा इन गांवों में पार्क, स्ट्रीट लाइट, तालाब सहित दूसरी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी.

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ये सुविधाएं भी मिलेगी

सूबे की नायब सैनी सरकार ने तय किया है कि महाग्राम योजना के अन्तर्गत आने वाले गांवों में जगह उपलब्ध होने पर ग्राम पंचायत के सहयोग से पार्क विकसित किए जाएंगे. पक्की सड़कों के साथ नालियों का निर्माण किया जाएगा और ड्रेनेज का पूरा सिस्टम विकसित होगा. गांवों की फिरनियों पर स्ट्रीट लाइटों के अलावा सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाएगा.

महाग्राम योजना में शहरों की तर्ज पर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी उपलब्ध करवाया जाएगा. शहरों की तरह ही इन गांवों के लोगों को पानी व सीवरेज के कनेक्शन मुहैया करवाए जाएंगे. गांवों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी स्थापित किए जाएंगे. भविष्य में ट्रीटेड (उपचारित) पानी को खेती व बागवानी सहित निर्माण आदि कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा.

ये नये गांव हुए शामिल

फरीदाबाद का सोतई, गुरुग्राम का नाहरपुर व जमालपुर, यमुनानगर का सरस्वती नगर (मुस्तफाबाद) व प्रताप नगर, करनाल का कुटेल, कैमला, निगदू, बारागांव व संघोवा, सोनीपत का खेवरा, नूंह का उजीना, अंबाला का बरवाला, मुलाना व शहजादपुर, पलवल का खम्बई, पानीपत का कुकराना व सौंधपुर और चरखी दादरी का बाढड़ा गांव शामिल किए गए हैं.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.