चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी विद्यालयों में 31000 से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त पड़े है. इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने से शिक्षा व्यवस्था चरमरा गयी है. 1,23,061 स्वीकृत पदों में से मात्र 91,281 पर ही शिक्षक ड्यूटी कर रहे है. सबसे ज्यादा रिक्तियां टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक) और पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) श्रेणी में देखी गयी है.
शिक्षकों में बढ़ रही नाराजगी
शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है. दूसरी तरफ लंबे वक़्त से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु के अनुसार तीन साल से तबादले न होने की वजह से शिक्षकों और छात्रों दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
संगठन की तरफ से दी गई चेतावनी
शिक्षा मंत्री की तरफ से वादा किया गया था कि शीघ्र ही तबदले करवाए जाएंगे. पर अब तक इस पर अमल नहीं हुआ है. संगठन की तरफ से चेताया गया है कि यदि विभाग ने नवंबर के दूसरे हफ्ते तक तबादला मुहिम शुरू नहीं की तो 15 नवंबर के बाद पूरे राज्य में आंदोलन में आंदोलन की शुरुआत कर दी जाएगी.
