Dial 112 Haryana: डायल 112 के बदले कई नियम, यहाँ पढ़े विस्तार से

चंडीगढ़, Dial 112 Haryana | एडीजीपी एएस चावला ने डायल 112 के 1 साल से अधिक समय होने पर ट्वीट किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि डायल 112 के लॉन्च के एक साल से अधिक समय के बाद बहुत गर्व महसूस हो रहा है. दिन या रात के दौरान किसी भी समय राज्य में कहीं से भी 112 डायल करें और पुलिस सहायता के लिए है. हरियाणा सरकार की शानदार पहल है. इसके तहत अगर आपका वाहन यात्रा में क्षतिग्रस्त या दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तो 112 डायल करते ही पुलिस की इनोवा गाड़ी आपको और आपके परिवार को घर छोड़ देगी.

Haryana Police Dail 112

पिछले वर्ष हुआ था लांच

बता दें कि राज्य सरकार ने पिछले साल 12 जुलाई को डायल 112 सेवा शुरू की थी. इस सेवा के तहत 112 डायल करने पर पुलिस की गाड़ी 10 से 20 मिनट के अंदर आप तक पहुंच जाएगी और अपराध की प्रकृति के अनुसार कार्रवाई करती है. डायल 112 सेवा पर पुलिस के पास अब तक प्राप्त शिकायतों की संख्या अनुपयोगी और फर्जी होने का प्रतिशत बहुत कम है. राज्य सरकार इस प्रतिशत को भी खत्म करने की योजना बना रही है. इसके तहत यदि कोई व्यक्ति फर्जी सूचना देता है या डायल 112 का दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया जा रहा है. हरियाणा के एडीजीपी एएस चावला डायल 112 के प्रोजेक्ट ऑफिसर हैं. सरकार ने उनके काम की तारीफ की है.

उन्होंने गृह मंत्री अनिल विज से डायल 112 में किए जाने वाले परिवर्तनों के संबंध में चर्चा की है. नई व्यवस्था के अनुसार कोई भी पुलिस अधिकारी डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद अपने अधिकार क्षेत्र, सीमा या थाना की सीमा का बहाना नहीं बनाएगा. जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करेंगे.

बिना काम के पुलिस की गाड़ियां 70 से ज्यादा स्पीड से नहीं दौड़ पाएंगी

डायल-112 वाहन बिना किसी कॉल के 70 से अधिक की गति से हाईवे पर नहीं चल सकती हैं. अपराधियों का पीछा करने के बाद ही सौ की गति से वाहन चलाने की अनुमति होगी. अनावश्यक रूप से 100 की गति होने पर वाहनों में अलार्म बजने लगेगा. कार के स्पीकर में यह संदेश आएगा कि आप बिना किसी काम के इतनी तेज गाड़ी क्यों चला रहे हैं.

पुलिस, एंबुलेंस और दमकल के लिए एक ही नंबर

डायल 112 की सबसे अच्छी खासियत यह है कि 112 डायल करने पर पुलिस, एंबुलेंस और दमकल की आपातकालीन सेवाएं पहले से ही उपलब्ध हैं. इसके लिए अलग-अलग नंबर डायल करने की जरूरत नहीं है. हरियाणा सरकार ने पिछले साल 630 नए आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन खरीदे हैं.

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ये वाहन विभिन्न आपातकालीन उपकरणों से लैस हैं. चार भाषाओं (हिंदी, अंग्रेजी, हरियाणवी और पंजाबी) को समझने वाले लोगों को डायल 112 पर नियुक्त किया गया है. ये कर्मचारी राज्य भर से आने वाले फोन कॉल को सुनते हैं और प्रतिक्रिया टीम को अपने संदेश भेजते हैं. उनके द्वारा शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मिनट में शिकायतकर्ता तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.