चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने राज्य में पशुपालन और मुर्गी पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाया है. सरकार ने यह कदम उन लोगों के लिए उठाया है जो पशुपालन को ही अपना रोजगार और आय का साधन बनाना चाहते है. इससे किसान एवं युवा जल्दी से जल्दी व्यापार शुरू कर सकेंगे और उन्हें आर्थिक मजबूती मिलेगी. सरकार का मानना है कि इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
हरियाणा में यह रहेगी नई सुविधाएं
नई सुविधाओं के अंतर्गत, मुर्गी फार्म शुरू करने के लिए अब आवेदन मिलने के 60 दिनों के अंदर स्वीकृति दी जाएगी. पशुपालकों को देसी गाय और मुर्रा भैंस खरीदने के लिए लोन भी मिलेगा और यह लोन 180 दिन में ही उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिससे किसान एवं उद्यमी समय पर अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे.
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेश के अनुसार हाईटेक डेयरी, अनुसूचित जाति के लोगों को पशुधन ईकाई स्थापित करने और सूअर तथा भेड़- बकरी पालने के लिए 100 दिन के अंदर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए है. इसके लिए पशुपालन विभाग की 7 सेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल किया गया है. साथ ही, संबंधित जिले के विभागीय उपमंडल अधिकारी और साख एवं योजना अधिकारी को निर्धारित समय पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दे दिए गए है.
देश के कुल उत्पादन में 36% भागीदारी
देश के कुल उत्पादन में 36% दूध हरियाणा में उत्पादन होता है. इसके लिए प्रत्येक गांव में सहकारी समिति खोलने पर विचार किया जा रहा है. साथ ही, पशुओं की नस्ल को सुधारने के लिए पशुओं में जिनोमिक चिप लगाने का काम भी शुरू किया है, ताकि पशुओं में होने वाली बीमारियों की जानकारी मिल सके.
