चंडीगढ़ | हरियाणा में साल 2012 की विज्ञापन संख्या 2/ 2012 के तहत अनुभव के आधार पर चयनित प्राथमिक शिक्षक (पीआरटी) के लिए अब एक नहीं समस्या खड़ी हो गई है. अब ये अध्यापक नई समयसीमा के दायरे में उलझ चुके है. महानिदेशक मौलिक शिक्षा द्वारा एक लेटर जारी किया गया है. जारी लेटर के मुताबिक, जिन शिक्षकों ने अभी तक हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास नहीं किया है, उनके लिए अनिवार्य है कि उन्हें यह परीक्षा मार्च 2027 तक उत्तीर्ण करनी होगी.
काफी सख्ती से लागू होंगी नियुक्ति शर्तें
पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर निर्धारित अवधि तक एचटेट पास नहीं किया गया तो संबंधित शिक्षकों की सेवाएं बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के खत्म कर दी जाएंगी. सरकार का यह कदम साफ इशारा कर रहा है कि नियुक्ति शर्तें अब काफी कठोरता से लागू होंगी. माना जा रहा है कि 2012 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े लंबित मामलों को निपटाने के लिए यह बड़ा फैसला किया गया है.
2012 की शर्तें दोबारा दोहराई
विज्ञापन संख्या 2/ 2012 के तहत जिन उम्मीदवारों का चयन चार वर्ष के टीचिंग एक्सपीरियंस के आधार पर पीआरटी पद पर हुआ था, उन्हें 01 अप्रैल 2015 तक अनिवार्य रूप से एचटेट पास करना था. इसके बाद, 27 अप्रैल 2017 को पत्र के जरिए सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नियुक्ति पत्रों में यह शर्त शामिल की जाए कि संबंधित शिक्षक आगे जाकर एचटेट पास करेंगे जिसके लिए अलग से नोटिफिकेशन जारी की जाएगी. अब सरकार ने इस विषय पर फाइनल फैसला लेते हुए मार्च 2027 तक की समयसीमा तय की है.
नहीं मिलेगा अतिरिक्त मौका
अब सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को नए आदेश जारी किए गए हैं. इस आर्डर में साफ कहा गया है कि जो भी शिक्षक अब तक एचटेट पास नहीं कर पाए हैं. उन्हें फाइनल चांस का लाभ उठाते हुए मार्च 2027 तक यह परीक्षा पास करनी होगी. समयसीमा के बाद किसी प्रकार का अतिरिक अवसर नहीं दिया जाएगा. सरकार के इस आर्डर के बाद अनुभव के आधार पर चयनित शिक्षकों में हलचल बढ़ गई है.
कई शिक्षकों के सामने अब यह चुनौती बन चुकी है कि ये निर्धारित अवधि के अंदर एचटेट पास कर अपनी नौकरी को सुरक्षित रखें. सरकार क्वालिटी आधारित शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पात्रता परीक्षा को कंपल्सरी मान रही है ताकि विद्यार्थियों को ट्रेनड और योग्य शिक्षक मिलें.
