चंडीगढ़ | केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसलिंग की 56वीं बैठक हुई. इस बैठक में हरियाणा ने GST दरों के सरलीकरण को लेकर अपना समर्थन प्रस्तुत किया. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खाद्य वस्तुओं पर कर समाप्त करने से देसी भोजन व्यवसाय को भी प्रोत्साहन मिलने वाला है. आज की इस खबर में हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
हरियाणा सरकार ने दिया समर्थन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सामान्य खाद्य वस्तुओं पर कर पूरी तरह समाप्त करने से हरियाणा में देसी भोजन व्यवसाय को काफी बढ़ावा मिलने वाला है. इस फैसले से ने केवल हरियाणा के फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कृषि से लेकर उपभोक्ता तक की पूरी मूल्य श्रृंखला भी काफी मजबूत होगी. देश की राजधानी दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में जीएसटी काउंसलिंग की बैठक का आयोजन करवाया गया था.
56वीं जीएसटी परिषद बैठक के फैसलों का हरियाणा स्वागत करता है। ये निर्णय जनता, किसानों व उद्योगों को बड़ी राहत देंगे।#Haryana #GSTCouncil
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 3, 2025
GST दरों में बड़ी कटौती
इस दौरान मीडिया से वार्तालाप करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खाद्य वस्तु, स्वास्थ्य एवं कृषि उपकरणों और मशीनरी उर्वरकों के इनपुट आदि उपभोग की वस्तुओं पर जीएसटी दरों को तर्कसंगत कर दिया गया है. जीएसटी परिषद की बैठक में कई बड़े- बड़े फैसले लिए गए. इसमें कर संरचना का युक्तिकरण, आम नागरिकों की तरफ से उपयोग किए जाने वाले वस्तुओं पर दरों में कटौती, क्लासिफिकेशन और रेट को पहले से बेहतर करने का काम भी शामिल है.
