डेरा प्रमुख की और बढ़ सकती हैं मुश्किलें, साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में हाईकोर्ट पहुंची सीबीआई

चंडीगढ़ । साध्वियों से यौन उत्पीडन मामले में रोहतक की सुनारियां जेल में सजा भुगत रहे डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ने वाली है. साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में डेरा प्रमुख को मिली जमानत रद्द करवाने के लिए सीबीआई पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गई है. डेरा प्रमुख को इस मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने अक्टूबर 2018 में जमानत दी थी. सीबीआई की याचिका पर जस्टिस अरविंद सांगवान बाबा राम रहीम व उसके साथी डॉ एमपी सिंह को पहले जारी नोटिस के सर्वे न होने पर दोबारा नए सिरे से नोटिस जारी कर दिए हैं.

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साध्वियों से दुष्कर्म और हत्या के मामलों में पहले ही सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दोषी ठहराए जा चुके डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम की जमानत रद्द करने की मांग करते हुए सीबीआई ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. दायर याचिका में दलील दी गई है कि डेरा प्रमुख के अपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए सीबीआई कोर्ट को जमानत नहीं देनी चाहिए थी.

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सीबीआई ने दायर याचिका के माध्यम से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट ने भी कई फैसलों में यह स्पष्ट कहा है कि किसी को जमानत देने से पहले उसके मामले की गंभीरता व आरोपी की पृष्ठभूमि पर नजर डाली जाए. डेरा प्रमुख राम रहीम कई गंभीर मामलों में आरोपित है और सीबीआई अदालत ने इन सभी तथ्यों को नजरंदाज किया है. यह मामला भी काफी गंभीर है और हाईकोर्ट के आदेश पर ही इस केस की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी गई है. डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम काफी प्रभावशाली है , इसलिए जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए उसकी जमानत रद्द की जाएं.

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