चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग इन स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने की दिशा में निरंतर नए प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में उनके पोषण स्तर को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया गया है. प्रदेश की नायब सैनी सरकार ने कक्षा नौवीं से बारहवीं में पढ़ने वाले पढ़ने वाले छात्रों को सप्ताह में चार दिन 200 ग्राम दूध दिया जाएगा.
एक मिल्क बार या पिन्नी भी शामिल की जाएगी. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद यह व्यवस्था नए शैक्षणिक सत्र 2026- 27 से लागू की जाएगी. शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के मार्गदर्शन में इस योजना को करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
लगभग 6 लाख बच्चों को मिलेगा फायदा
राज्य में 15 हजार सरकारी स्कूल संचालित है और वर्तमान में 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक करीब 6 लाख विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है. ऐसे में इस योजना का लाभ सभी विद्यार्थियों को दिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि दूध में मौजूद कैल्शियम, विटामिन- डी, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व बच्चों की हड्डियों के विकास, मांसपेशियों की मजबूती, मानसिक विकास और उन्हें रोग मुक्त रखने में मदद करेंगे.
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस योजना को पूरा करने के लिए पैक्ड दूध की खरीद की जाएगी. इसके लिए खाद्य व आपूर्ति विभाग के साथ MOU साइन किया जाएगा ताकि दूध की जिम्मेदारी विभाग की ओर से निर्धारित हो सके. इसके साथ ही, बच्चों को सप्ताह में चार दिन दूध बांटने की जिम्मेवारी शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित अधिकारियों को दी जाएगी. इस योजना का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार लाना है.
