चंडीगढ़ | केंद्रीय राज्यमंत्री एवं गुरुग्राम से BJP सांसद राव इंद्रजीत सिंह द्वारा दिए गए रात्रि भोज के बाद हरियाणा की राजनीति में उठे सियासी घमासान को कंट्रोल करने के प्रयास शुरू हो गए हैं. राव के रात्रि भोज में शामिल हुए बीजेपी के 6 विधायकों नारनौल से ओमप्रकाश यादव, चरखी दादरी से सुनील सांगवान, बाढडा से उमेद पातुवास, सोहना से तेजपाल तंवर, गुरुग्राम से मुकेश शर्मा और बावल से डा कृष्ण ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से सीएम आवास पर मुलाकात की हैं.
बताया जा रहा है कि 2 विधायकों को सीएम हाउस से बुलावा आया था जबकि 4 विधायक खुद ही वहां पहुंचे थे. खास बात यह है कि दो विधायक रात्रि भोज से पहले मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात करने गए थे. रात्रि भोज से लौटने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं की. वहीं, इन विधायकों का भी कहना है कि उस रात्रि भोज का राजनीति से कोई वास्ता नहीं है.
सफाई देने में जुटे विधायक
केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के साथ रात्रि भोज की खबरें जब से बाहर आई है, तब से रात्रि भोज में शामिल विधायक भी डैमेज कंट्रोल करने में जुट गए हैं. ये विधायक भी नहीं चाहते हैं कि उन पर किसी नेता विशेष की छाप लगें, जिससे कि पार्टी संगठन और सीएम हाउस में फिर उसी नजरिए से देखा जाए. इसलिए कुछ विधायक अब सफाई देने का प्रयास कर रहे हैं.
इन वजहों से सुर्खियों में छाया रात्रि भोज
इस रात्रि भोज का भले ही राजनीति से कोई वास्ता नहीं बताया जा रहा है लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि दक्षिण हरियाणा के 12 विधायकों को ही रात्रि भोज के लिए क्यों बुलाया गया है. राव इंद्रजीत सिंह चाहते तो बीजेपी पार्टी के सभी 48 विधायकों को रात्रि भोज का न्यौता भेज सकते थे लेकिन एक क्षेत्र के विधायकों को ही बुलाया गया था. इसी बात को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
राव इंद्रजीत सिंह ने रात्रि भोज उस समय पर दिया है जब रेवाड़ी में हुई धन्यवाद रैली में मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ उनकी तल्खी हुई. रैली में राव इंद्रजीत सिंह ने कहा था कि मुख्यमंत्री जी, हमने आपकी सरकार बनवाई, अब आप हमारे काम करें. जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह एक जाति की नहीं बल्कि पूरे हरियाणा की सरकार है.
दिल्ली में देनी होगी सफाई
मुख्यमंत्री आवास पर सफाई देने पहुंचे एक विधायक को कहा गया है कि यहां सफाई देने से कुछ नहीं होगा, अब दिल्ली दरबार में सफाई देनी होगी. संभवतः उनका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के सामने था. जब विधायक ने अपने क्षेत्र के कामों को लेकर बातचीत की, तो उन्हें कहा गया कि अब इंतजार करना होगा. अब दिल्ली में सफाई देने के बाद ही उनपर विचार किया जाएगा.
