चंडीगढ़ | हरियाणा में 1 अप्रैल से बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगा है. प्रदेश सरकार (Haryana Govt) ने किसानों और गरीब परिवारों को इसमें राहत दी है. बता दें कि ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए मिलने वाली बिजली की दरें 6.48 रूपए प्रति यूनिट से बढ़कर 7.35 रूपए प्रति यूनिट हो गई है, लेकिन किसानों को पहले की तरह ही 10 पैसे प्रति यूनिट में ही बिजली मिलती रहेगी.
किसानों को राहत
पहले की किसानों को तरह ट्यूबवेल कनेक्शन पर सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा. यानि बाकी के 7.25 रूपए प्रति यूनिट के हिसाब से राज्य सरकार बिजली निगमों को सब्सिडी के तौर पर देगी. इस सब्सिडी से ही किसानों को सालाना 6,718 करोड़ रूपए की राहत मिलेगी.
कोल्ड स्टोर के लिए भी सस्ती दरों पर बिजली आपूर्ति तय की गई है. पहले साढ़े 7 रूपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली की दरें तय थी, लेकिन अब 20 किलोवाट तक लोड वाले कोल्ड स्टोर के लिए साढ़े 4 रूपए प्रति यूनिट के हिसाब से रेट तय किया गया है. इससे ज्यादा लोड वाले कोल्ड स्टोर संचालकों को साढ़े 6 रूपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल भुगतान करना होगा.
गरीब परिवारों को राहत
बेशक बिजली की दरों में हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग द्वारा 20- 40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है, लेकिन गरीब परिवारों को इस बढ़ोतरी के बाद भी राहत मिली है. पहले 0 से 50, 51 से 100, 0 से 150 तथा 151 से 250 यूनिट तक के अलग- अलग स्लैब के लिए 2 किलोवाट तक के लोड पर 115 रुपये तथा इससे अधिक के लोड पर 70 और 75 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से फिक्स चार्ज लगता था, लेकिन अब 300 यूनिट तक मासिक इस्तेमाल वाले बिजली उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज खत्म कर दिया है.
301 से 500 यूनिट तक के इस्तेमाल पर 50 रुपये प्रति किलोवाट और 500 से अधिक यूनिट के इस्तेमाल करने पर भी 50 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से फिक्स चार्ज देना होगा. इसमें भी आयोग ने कटौती की है.
