चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. खरीफ सीजन 2025 की फसलों के लिए मेरी फसल- मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं. किसान अपनी खरीफ फसलों का ब्यौरा दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. उप कृषि निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसान कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फसल पंजीकरण अनिवार्य किया गया है.
पंजीकृत किसानों की खरीदी जाएगी फसल
डॉ. सुखदेव ने बताया कि केवल उन्हीं किसानों की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाएंगी जो पोर्टल पर पंजीकृत होंगे. इसलिए किसान समय पर फसल पंजीकरण करवना बेहद जरूरी है. इसके अतिरिक्त किसान मेरी फसल मेरा- ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाते समय ही पराली प्रबंधन के लिए धान की पराली को मिट्टी में मिलाने व गांठे बनाने के लिए 1200 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन कर सकता है.
पंजीकरण के लिए किसान के पास परिवार पहचान पत्र (PPP) व आधार कार्ड अनिवार्य है. अधिक जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 1800- 180- 2117 या संबंधित खंड कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे पोर्टल बंद होने से पहले ही पंजीकरण करवाएं, ताकि विभागीय योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके और किसान MSP पर फसल बेचकर अधिक लाभ कमा सकें.
नुकसान होने पर मिलेगा मुआवजा
पट्टेदार बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए बुवाई के सर्टिफिकेट के साथ नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल (NCIP) पर नियमानुसार आवेदन सकते हैं. खेत में खड़ी फसल में नुकसान होने पर मुआवजा मिल सकेगा. इसी तरह से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से जिन्होंने ऋण नहीं लिया है, वह किसान भी जमाबंदी, किला नंबर के साथ पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं.
23 जुलाई तक देनी होगी जानकारी
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए प्रदेश के सभी 22 जिले तीन क्लस्टर में विभाजित हैं. फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराना है या नहीं, इसे लेकर 23 जुलाई तक लिखित में सहमति या असहमति पत्र देना होगा. 29 जुलाई तक फसल बदलने का ब्योरा बैंकों में देना होगा. बैंक 31 जुलाई तक बीमा की राशि खातों से काटेंगे.
