चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों से जुड़ी एक जरूरी खबर सामने आई है. यहां पर अब डीएपी और यूरिया खाद की बिक्री आनलाइन माध्यम से होगी. कृषि विभाग की ओर से सीएम नायब सैनी को इस संदर्भ में प्रपोजल बनाकर भेजा गया था, जिसे सीएम ने मंजूरी प्रदान कर दी है. अब 5 अगस्त तक खाद की बिक्री ऑनलाइन शुरू होने की संभावना है. किसानों को इस संदर्भ में ‘मेरी फसल- मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा.
जिन किसानों ने पहले से ही पंजीकरण कराया हुआ है, उनको पंजीकरण की जरूरत नहीं पड़ेगी. जब भी किसान किसी खाद विक्रेता से खाद लेने जाएगा, उसे अपनी डिटेल देनी है. किसान को पहले की तरह ही खाद मिलती रहेगी. खाद की बिक्री रोजाना कितनी हुई, कितना खाद आया, कितना बचा हुआ है, कितने खाद की जरूरत है. यह कृषि विभाग को पहले पता चल जाएगा.
अभी यूरिया का स्टॉक 84 हजार टन
हरियाणा में फिलहाल यूरिया का स्टॉक 84 हजार टन है. वहीं, डीएपी 35 हजार टन, सिंगल सुपर फास्फेट का 55 हजार टन से ज्यादा और एनपीके 35 हजार टन से ज्यादा है. कुल मिलाकर 2.10 लाख टन खाद स्टॉक है. खरीफ 2025 के लिए केंद्र सरकार की ओर से 13.90 लाख टन खाद की एलोकेशन हुई थी. 12.98 लाख टन आ चुका है. 10.87 लाख टन खाद की खपत हो चुकी है.
कालाबाजारी पर लगेगी रोक
कृषि विभाग के अधिकारियों को पता होगा कि किस शहर, कस्बे या गांव में कितना खाद पहुंचा है. कितने किसानों ने खाद के लिए पंजीकरण कराया है. रोजाना की रिपोर्ट तैयार होगी, यह जिलों से सीधे राज्य मुख्यालय तक जाएगी. यदि कोई भी खाद विक्रेता अवैध रूप से बिक्री करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. सरकार के इस कदम से खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.
