NCR प्लान- 2041 पर फोकस, इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबल ग्रोथ पर चर्चा

चंडीगढ़ | केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCR प्लानिंग बोर्ड) की 42वीं बैठक हुई. इस बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा और राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री झाबर सिंह खर्रा शामिल हुए. बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.

Town City Shahar Colony

बैठक में यह तय किया गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के क्षेत्रीय दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वर्तमान सीमा ही बनी रहेगी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का रीजनल प्लान- 2041 भी चर्चा का मुख्य विषय रहा जिसमें भविष्य के विकास, शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सस्टेनेबल ग्रोथ जैसे मुद्दों पर गहन विचार किया गया.

आधुनिक नमो सिटी विकसित

सीएम ने बताया कि एनसीआर में 4 आधुनिक नमो सिटी विकसित किए जाएंगे. हालांकि, ये कहां बनाए जाएंगे इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है और राज्यों से भी सुझाव मांगे गए हैं. प्लान- 2041 के लिए सब कमेटी बनाई गई है जो 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. इसके बाद, आगे की रूपरेखा तय की जाएगी.

उन्होंने यह भी बताया कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 43वीं बैठक अब दिसंबर में प्रस्तावित है. एनसीआर में बी- 6 से नीचे के वाहनों को लेकर परिवर्तन योजना पर भी चर्चा हुई है. आरआरटीएस करनाल की तरफ और मानेसर क्षेत्र में विकास कार्यों पर भी विचार किया गया. कोर एरिया से जुड़े मुद्दों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई.

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कमी और निवेश की गति

यदि दायरा घटता है तो इसके कुछ नुकसान सामने आ सकते हैं जैसे रियल एस्टेट क्षेत्र में जमीन की कीमतों में कमी और निवेश की गति धीमी पड़ना. इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए फंडिंग में कमी आने की संभावना रहती है जिससे नए रोजगार के अवसरों की रफ्तार प्रभावित हो सकती है और क्षेत्र की ब्रांड वैल्यू भी कम हो सकती है.
दायरा घटने के कुछ फायदे भी बताए गए हैं. इससे कृषि क्षेत्र पर शहरीकरण का दबाव कम होता है और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार नए विकास मॉडल तैयार किए जा सकते हैं. इसके अलावा, परियोजनाओं की मंजूरी और प्रक्रियाएं सरल हो सकती हैं.

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.