चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने क्लर्कों की भर्ती, पदोन्नति और सेवा शर्तों को लेकर बड़ा बदलाव करते हुए हरियाणा लिपिकीय सेवा (भर्ती और सेवा की शर्तें) कानून लागू कर दिया है. नई व्यवस्था के तहत, अब क्लर्क पदों पर भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया पहले से अलग होगी. इससे कर्मचारियों को अधिक अवसर मिलेंगे और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी.

नई अधिसूचना के अनुसार, क्लर्क के 65 प्रतिशत पद सीधे भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे. 30 प्रतिशत पद ग्रुप- डी कर्मचारियों की पदोन्नति से भरे जाएंगे. इससे पहले पदोन्नति का कोटा केवल 20 प्रतिशत था. इसके अलावा, 5 प्रतिशत पद अनुकंपा आधार पर भरे जाने का प्रावधान किया गया है.
आयु सीमा में छूट का लाभ
यह कानून केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगा जो इसके लागू होने के बाद नियमित आधार पर क्लर्क नियुक्त होंगे या ग्रुप- डी से प्रमोशन पाकर क्लर्क बनेंगे. पहले से कार्यरत क्लर्क, राज्यपाल भवन के कर्मचारी तथा संवैधानिक और वैधानिक संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारी इसके दायरे से बाहर रहेंगे. सीधी भर्ती के लिए उम्मीदवार का 10+2 या समकक्ष परीक्षा पास होना अनिवार्य होगा. साथ ही, मैट्रिक या उससे उच्च शिक्षा में हिंदी या संस्कृत विषय का होना भी जरूरी रहेगा. क्लर्क पद के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है. आरक्षित वर्गों को सरकार के मौजूदा नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा.
पदोन्नति की शर्तें तय
नई व्यवस्था में नियुक्ति के बाद वार्षिक वेतन वृद्धि और भविष्य में पदोन्नति प्राप्त करने के लिए एसईटीसी (SETC) के दोनों भागों की परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा. इससे कर्मचारियों की कार्यकुशलता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया है. ग्रुप- डी कर्मचारियों के लिए क्लर्क पद पर पदोन्नति की शर्तें भी तय कर दी गई हैं. इसके तहत कर्मचारी का 10+2 पास होना, कम से कम 5 साल की नियमित सेवा पूरी करना और ACR में 70 प्रतिशत या उससे अधिक गुड अथवा वेरी गुड ग्रेड प्राप्त होना जरूरी होगा. कर्मचारी के खिलाफ कोई विभागीय या न्यायिक जांच लंबित नहीं होनी चाहिए. उसे अनिवार्य कंप्यूटर योग्यता परीक्षा एसईटीसी पार्ट- 1 भी पास करनी होगी.
2 साल का करना होगा पूरा
नए कानून के तहत, क्लर्कों की नियुक्ति का अधिकार मानव संसाधन विभाग के महानिदेशक के पास रहेगा. नियुक्त कर्मचारी हरियाणा सरकार के किसी भी विभाग में कार्य कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर राज्य के भीतर या बाहर भी सेवाएं देने के लिए बाध्य होंगे. सीधी भर्ती से चयनित कर्मचारियों को 2 साल का पूरा करना होगा. क्लर्क पद के लिए फंक्शनल पे लेवल- 3 निर्धारित किया गया है जिसके तहत शुरुआती वेतन 21,700 रुपये होगा जबकि अधिकतम वेतन 69,100 रुपये तक मिलेगा. नई व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और कर्मचारियों को पदोन्नति के बेहतर अवसर मिलेंगे.