चंडीगढ़ | हरियाणा के जिन किसानों ने खरीफ सीजन- 2026 में अपनी फसल का पंजीकरण नहीं कराया था, उनके पास अब इसे पूरा करने के लिए 7 दिन का समय है. प्रदेश सरकार ने ‘मेरी फसल- मेरा ब्यौरा’ पोर्टल दोबारा खोल दिया है. किसान 21 से 27 सितंबर 2026 तक अपनी खरीफ फसल का रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. पंजीकरण होने के बाद ही फसल को MSP पर सरकारी खरीद में शामिल कराने सहित दूसरी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा.
रजिस्ट्रेशन से वंचित किसान को संबंधित SDO (सिविल)/SDM कार्यालय में लिखित आवेदन देना होगा. इसमें जमीन का पूरा विवरण, खेवट नंबर, खसरा नंबर और खेती के तहत क्षेत्रफल की जानकारी देनी होगी.
देना होगा आवेदन
आवेदन मिलने के बाद संबंधित अधिकारी जमीन और फसल से जुड़े दावे की जांच कराएंगे. यह प्रक्रिया अधिकतम 3 दिन में पूरी की जाएगी. दावा सही मिलने पर फसल का विवरण पोर्टल पर दर्ज होगा. इसके बाद किसान सरकारी खरीद प्रक्रिया में शामिल हो सकेगा. ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों की फसल मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी एजेंसियां खरीद सकेंगी. फसल बिक्री की रकम DBT के जरिए आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाएगी.
सब्सिडी का लाभ
पंजीकृत किसान भावांतर भरपाई योजना का लाभ भी ले सकेंगे. प्राकृतिक आपदा, बारिश या जलभराव से नुकसान होने पर फसल क्षतिपूर्ति और मुआवजे के दावे में भी यह रजिस्ट्रेशन जरूरी है. ‘मेरा पानी- मेरी विरासत’ के तहत 7 हजार प्रति एकड़ और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ भी इससे जुड़ा है. इस सीजन धान का रकबा करीब 30 से 32 लाख एकड़ और उत्पादन 55 से 60 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है. वहीं, बाजरे का रकबा करीब 10 से 12 लाख एकड़ है, जिससे 10 से 12 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान लगाया गया है.
