हरियाणा सरकार कर रही रेगुलराइजेशन पालिसी पर मंथन; मुख्य सचिव ने इन अस्थायी कर्मचारियों का मांगा डाटा

चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार की तरफ से रेगुलराइजेशन पालिसी पर मंथन किया जा रहा है. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी सरकार ने बताया था कि इस पालिसी का प्रस्ताव विचाराधीन है. सरकार नें फिर हाईकोर्ट से समय की मांग की थीं. इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने 5 साल से अधिक अवधि वाले ग्रुप बी, सी और डी पदों पर लगे अस्थायी कर्मचारियों के डाटा की मांग की है.

Punjab and Haryana High Court

मुख्य सचिव ने लिखा पत्र

मुख्य सचिव संजीव कौशल की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, सभी विभागाध्यक्षों, सभी बोडों, निगमों के प्रबंध निदेशक, मुख्य प्रशासकों, सभी मंडल आयुक्तों, सभी जिला उपायुक्तों को बुधवार को पत्र भेजकर डाटा भेजने को कहा गया है. इसके लिए बाकायदा सरकार द्वारा 3 कैटेगरी बनाई गई है.

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बनाई गई 3 कैटेगरी

इसमें एक कैटेगरी 10 साल से ज्यादा अवधि वालों की है. दूसरी, 7 से 10 साल तक और तीसरी, 5 से 7 साल के बीच की है. विशेष बात यह है कि आउटसोर्सिंग पालिसी पार्ट 1, आउटसोर्सिंग पालिसी पार्ट 2 और हारट्रोन, आईटी या जो दोनों पालिसी में नहीं आते हैं, उनकी भी जानकारी भेजनें कों कहा गया है.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.