चंडीगढ़ | हरियाणा में पुलिस विभाग में पुराने केसों का निपटारा न करने पर 13 जिलों के 372 जांच अधिकारियों को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए गए हैं. आदेश के बाद से ही विभाग में हडकंप मचा हुआ है. यह आदेश गृह मंत्री अनिल विज ने दिए हैं. बता दे यह पहला ऐसा मामला होगा जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आईओ को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है.
इस वजह से किया गया सस्पेंड
इसका कारण यह है कि उन्होंने एक साल पुराने मामलों का अब तक निपटारा नहीं किया. स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किया गया तो जवाब भी संतोषजनक नहीं मिला तो सोमवार को गृह मंत्री अनिल विज ने उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए. आईओ में हेड कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक शामिल हैं.
गृह मंत्री विज ने कही ये बात
गृह मंत्री विज ने कहा कि पिछले महीने मैंने उन सभी आईओ से स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया था, जिन्होंने एक साल में एफआईआर का निपटारा नहीं किया है. इन मामलों की संख्या 3229 से ऊपर है. विज ने कहा कि लोग ठोकर खा रहे हैं. वे एक जगह से दूसरी जगह भटकने को मजबूर हैं. दूसरे लोगों के पास जा रहे हैं और वे मामलों का निपटारा नहीं कर रहे हैं. यह बेहद गंभीर मामला है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. 372 आईओ का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर उन्हें निलंबित करने का आदेश दिया गया है.
लंबित मामलों की डीएसपी करेंगे जांच
खास बात यह है कि जिन आईओ को सस्पेंड किया जाएगा उनके लंबित मामलों को संबंधित डीएसपी को सौंप दिया जाएगा. यदि एक माह में इनका निस्तारण नहीं किया तो इनपर भी कार्रवाई भी हो सकती है क्योंकि गृह मंत्री विज ने आदेश में लिखा है कि सभी मामले एक माह में निपटाने के निर्देश के साथ डीएसपी को दिए जाए.
पुलिस के जनता दरबार में आते हैं सबसे ज्यादा मामले
बता दें कि गृह मंत्री विज अंबाला में जनता दरबार लगाते हैं, वहां पुलिस के सबसे ज्यादा मामले आते हैं. ज्यादातर शिकायतें ये हैं कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही, केस का निपटारा नहीं हो रहा. फरीदाबाद में 32, करनाल में 31, रोहतक में 31, अंबाला में 30, जींद में 24, हिसार में 14, पंचकूला में 10, सोनीपत में 9, सोनीपत में 5, रेवाड़ी में 5 और पानीपत में 3 आईओ पर कार्रवाई होगी.
