चंडीगढ़ | हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और अच्छी खबर सामने आई है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक बस सेवा के तहत राज्य को 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलेगी. इस सेवा के शुरू होने से शहरों में लोगों को न केवल सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी.
हरियाणा के 5 जिलों में आएगी इलेक्ट्रिक बसें
हरियाणा हाई पावर पर्चेज कमेटी की मीटिंग में मंजूरी के बाद इस योजना के तहत प्रदेश के 5 जिलों यमुनानगर, करनाल, पानीपत, रोहतक और हिसार जिले को 50-50 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएगी. ये सभी बसें 9 मीटर लंबी होंगी और इनमें लगभग 35 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी.
इलेक्ट्रिक बसों के धरातल पर सफल क्रियान्वयन में सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता रही है. इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश के अलग- अलग जिलों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं. पानीपत और हिसार में चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार हो चुका है और यमुनानगर में लगभग पूरा होने की कगार हैं. पंचकूला, करनाल और रोहतक में चार्जिंग स्टेशन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य को हरी झंडी दिखाई जाएगी.
वर्तमान में प्रदेश के कई जिलों में सीमित संख्या में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है. इसमें कुरूक्षेत्र में 10 और पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक व रेवाड़ी में 5- 5 तथा हिसार में 3 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध है. पंचकूला में ये बसें हाउसिंग बोर्ड से जीरकपुर और कालका से चंडीगढ़ PGI जैसे प्रमुख रूटों पर संचालित हो रही हैं.
यात्रियों की बनी पहली पसंद
कई शहरों में संचालित हो रही इलेक्ट्रिक बसों को लेकर यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है. कम शोर, आरामदायक सफर और प्रदुषण में कमी जैसे कारणों से लोग इलेक्ट्रिक बस सेवा को तवज्जो दे रहे हैं. आने वाले समय में जैसे- जैसे चार्जिंग स्टेशन तैयार होते रहेंगे तो इलेक्ट्रिक बस सेवा के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी का और ज्यादा फायदा मिलता रहेगा.
सरकार परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है. बढ़ते प्रदूषण को एक गंभीर चुनौती मानते हुए सरकार ग्रीन एनर्जी से संचालित वाहनों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करना चाहती है. इसी दिशा में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना बनाई गई है ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ- साथ आम जनता को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराया जा सके- अनिल विज, ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री
