क्या कभी देखा है, बिना विज्ञापन निकलें भर्ती कर दी गई हों.. जानें क्या है मामला

चंडीगढ़ । हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग, पीजीआई रोहतक व मेडिकल शिक्षा विभाग के निदेशक को नोटिस जारी कर जबाब तलब किया है. साथ ही यह भी पुछा गया है कि क्यों न कोर्ट अटल बिहारी वाजपेई सरकारी मेडिकल कॉलेज छायंसा जिला फरीदाबाद में बगैर विज्ञापन जारी किए गए 210 स्टाफ नर्स की भर्ती पर रोक लगा दें.

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प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

कोर्ट ने यह आदेश भिवानी निवासी मनीष व अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया. कोर्ट को बताया गया कि विभिन्न मेडिकल कॉलेज , पीजीआई रोहतक में स्टाफ नर्स की भर्ती के लिए मार्च 2019 में 595 स्टाफ नर्स के लिए विज्ञापन जारी किया था. इसके बाद इसी साल मई में मेमो जारी कर अटल बिहारी वाजपई सरकारी मेडिकल कॉलेज छायंसा जिला फरीदाबाद में बगैर विज्ञापन जारी किए स्टाफ नर्स की भर्ती शुरू कर दी.

यह है मामला

मिली जानकारी अनुसार जिस समय कालेज का नामकरण भी नहीं हुआ था और पीजीआई रोहतक के द्वारा 2019 में स्थायी पोस्ट निकली थी, उसमें इस कालेज का नाम भी नहीं था. लेकिन आज उसी भर्ती के द्वारा 210 स्थायी स्टाफ नर्स की भर्ती की जा रही है वो अमानवीय है जो नए पास आउट स्टाफ नर्स इन भर्ती के इंतजार में है,उन सब के साथ धोखा है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.