चंडीगढ़ | हरियाणा में शराब के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. उन गांवों में शराब के ठेके नहीं खोले जाएंगे, जहां गुरुकुल संचालित हो रहे हैं. आबकारी विभाग द्वारा जारी की गई नई एक्साइज पॉलिसी में इसका स्पष्ट प्रावधान किया गया है. इससे शराब पसंद करने वाले लोगों को बड़ा झटका लग सकता है. गुरुकुलों में शिक्षा के दौरान शराब को एक बुराई बताया जाता है. उससे दूर रहने की सीख दी जाती है.
इन गांवों को नहीं मिलेगी छूट
राज्य के शहरों में कॉलेजों के पास शराब के ठेकों की दूरी अब और घटा दी गई है. पहले 150 मीटर के दायरे में शराब का ठेका खोलने पर पाबंदी थी, लेकिन अब इस दूरी को घटाकर 75 मीटर कर दिया गया है. वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में दो किलोमीटर के दायरे में केवल एक शराब का ठेका खोला जा सकता है. जिन गांवों की आबादी 500 से कम है, वहां कोई ठेका नहीं खोला जाएगा. अगर गांव की आबादी 500 से 5000 के बीच है, तो वहां केवल एक ठेका खोलने की अनुमति दी जाएगी.
अंग्रेजी शराब हुई महंगी
ग्रामीण क्षेत्रों में शराब के ठेकों के खुलने का समय अप्रैल से अक्टूबर तक सुबह 8:00 बजे से रात 11:00 बजे तक तय किया गया है. नवंबर से मार्च तक यह समय सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक रहेगा. अगर शहरी क्षेत्र की बात करें, तो वहां सुबह 8:00 बजे से रात 12:00 बजे तक शराब की बिक्री की जा सकेगी. इस बार एक्साइज ड्यूटी में भी बढ़ोतरी की गई है और ठेकों के रिजर्व प्राइस में इजाफा हुआ है. यही कारण है कि अंग्रेजी शराब के दामों में करीब 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है.
