चंडीगढ़ | अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने 11 साल के लंबे इंतजार के बाद हरियाणा कांग्रेस (Haryana Congress) का संगठन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है. बता दें कि राज्य में कांग्रेस के 22 जिला अध्यक्ष हैं.
कुछ जिले ऐसे हैं, जहां शहरी और ग्रामीण दोनों के लिए अलग- अलग जिला अध्यक्ष बनाए जाते हैं. इस हिसाब से देखा जाए तो इनकी संख्या लगभग 25 तक पहुंचती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी द्वारा फिलहाल केवल 21 केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं.
राज्य स्तर पर भी होंगे पर्यवेक्षक नियुक्त
इन केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ हरियाणा कांग्रेस कमेटी अपने स्तर पर एक- एक राज्य पर्यवेक्षक भी नियुक्त करेगी. केंद्र और राज्य कांग्रेस के ये पर्यवेक्षक मिलकर जिला अध्यक्षों के नाम तय करेंगे. बता दें कि कांग्रेस द्वारा जिन केंद्रीय पर्यवेक्षकों को चुना गया है, उनमें ज्यादातर का हरियाणा की राजनीति से सीधा संबंध नहीं है. इनमें से अधिकतर नेता दक्षिण भारतीय राज्यों से हैं.
माना जा रहा है कि पार्टी निष्पक्ष तरीके से जिला अध्यक्षों का चयन करना चाहती है. इन पर्यवेक्षकों के साथ राज्य स्तर पर भी पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे और फिर जिलों का आवंटन किया जाएगा. अभी तक पर्यवेक्षकों के जिलों की सूची जारी नहीं हुई है.
पहले भी हो चुकी है घोषणा
इससे पहले भी कांग्रेस द्वारा पर्यवेक्षकों की सूची जारी की जा चुकी है, लेकिन तब कोई नतीजा नहीं मिल पाया था. हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद को 4 महीने हो चुके हैं.
अब जो केंद्रीय पर्यवेक्षक घोषित किए गए हैं, उनमें जगदीश ठाकोर, मणिकम टैगोर, प्रो. वर्षा गायकवाड, डॉ. अमर सिंह, जीसी चंद्रशेखर, गिरिश चोडानकर, काजी निजामुद्दीन, विजय इंदर सिंगला, लालजी देसाई, चल्ला वामसी चंद रेड्डी, कुलजीत सिंह नागरा, जय सिंह अग्रवाल और रफीक खान शामिल हैं. इनके अलावा, भुवन कापड़ी, विनोद सुल्तानपुरी, प्रकाश जोशी, मनोज चौहान, क्रिस्टोफर तिलक, जगदीश जांगिड, श्रीनिवास बीवी और अमित विज को भी पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है.
